न्यूज़लिंक हिंदी। आजकल कई लोगों को शिकायत रहती है कि रात में उन्हें जल्दी नींद नहीं आती है, या फिर सोते-सोते कई बार हल्की सी आवाज में ही उनकी नींद टूट जाती है।
ऐसा खराब स्लीप क्वालिटी के कारण होता है, ऐसे में ठीक से आराम नहीं कर पाते हैं, जिसका सीधा असर आपको रोजमर्रा के काम में देखने को मिलेगा और इससे आपकी सेहत पर भी बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
आपने देखा होगा कि जिन लोगों की नींद सही से पूरी नहीं हो पाती है तो उन लोगों को दिनभर चिड़चिड़ापन महसूस होता है और उनका ध्यान भी काम में नहीं लग पाता है। साथ ही नींद सही से पूरी न हो पाने के कारण आंखों के नीचे काले घेरे, सूजन और सिर भारी जैसे परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
कुछ लोगों को चाय या फिर कॉफी पीना बहुत पसंद होता है, वो दिन में 3 से 4 बार तो इसका सेवन करते ही हैं। वहीं कुछ लोग रात में चाय या कॉफी पीना पसंद करते हैं। लेकिन इसका असर उनका स्लीप क्वालिटी पर दिखाई दे सकता है। एक्सपर्ट का कहना है कि हमें सोने से 10 घंटे पहले कैफीन का सेवन नहीं करना चाहिए।
क्योंकि ये आपके ब्रेन में स्लीप प्रमोटिंग रिसेप्टर को ब्लॉक कर देता है. जो देर से नींद आने या फिर नींद आने में रुकावट पैदा कर सकता है। आजकल लोगों का शेड्यूल बहुत बिजी हो गया है। जिसके कारण उन्हें खाना खाने का भी समय नहीं मिलता है। लोग रात में देर से खाना खाते हैं। लेकिन इसका प्रभाव भी स्लीप पेटर्न पर पड़ता है।
क्योंकि ऐसे करने से शरीर में कोर्टिसोल और स्ट्रेस हार्मोन रिलीज हो सकते हैं और साथ ही डाइजेशन पर प्रभाव पड़ सकता है। जिसके कारण नींद आने में दिक्कत हो सकती है। बहुत से लोग रात भर जागकर काम करना पसंद करते हैं और काम खत्म होने के बाद बिस्तर पर लेट जाते हैं। लेकिन इससे भी आपकी नींद पर प्रभाव पड़ सकता है।
ऐसा करने से एंजाइटी हो सकती है, इसलिए आपको अपना काम सोने से 2 घंटे पहले अपना काम पूरा कर लेना चाहिए। आजकल लोग देर रात तक फोन का इस्तेमाल करते रहते हैं। लेकिन इसकी वजह से भी स्लीप पेटर्न पर प्रभाव पड़ता है। इसलिए आपको सोने से 1 घंटे पहले अपने मोबाइल का इस्तेमाल करना बंद कर देना चाहिए।

