Pilibhit : निशुल्क गल्ले को पाने के लिए कार्डधारकों को  ‘दबंग ‘ के लिए 50 रुपये देना पड़ रहे,  इनकार करे तो  राशन से वंचित होने का डर

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न्यूज़लिंक हिंदी। भाजपा विधायक बरखेड़ा स्वामी प्रवक्तानंद फरियादियों संग कलेक्ट्रेट पहुंचकर खूब हल्ला बोला। अधिकारियों के समय से दफ्तर में न बैठने पर जमकर नाराज भी हुए थे। साथ ही अपात्रों को लाभान्वित कराने समेत कई बात खुलकर कही गई। विधायक की नाराजगी के बाद लगा था कि अब शायद कुछ सुधार हो सकेगा।

मगर, पूर्ति विभाग का अब एक नया खेल उजागर हो गया है। वह भी बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र में  शासन स्तर से बंटवाए जा रहे निशुल्क गल्ले को पाने के लिए कार्डधारकों को  ‘दबंग ‘ के लिए 50 रुपये देना पड़ रहे हैं।  बताते हैं कि अगर कोई इनकार करे तो उसे राशन से पूर्ण रूप से वंचित होने का डर दिखाया जा रहा है। जिसके चलते न चाहकर भी कार्डधारक मजबूरन जेब ढीली करने को मजबूर हैं।

बता दें कि इन दिनों जून माह का राशन  शासन के निर्देश पर वितरण किया जा रहा है, जोकि 25 जून तक चलेगा। इसमें प्रत्येक अंत्योदय कार्डधारक को 14 किलोग्राम गेहूं, 21 किलोग्राम चावल संयुक्त रूप से निशुल्क मिलेगा। 18 रुपये किलोग्राम के हिसाब से तीन किलोग्राम प्रति कार्ड चीनी पर 54 रुपये लिए जाएंगे।

पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को प्रति यूनिट दो किलोग्राम गेहूं, तीन  किलोग्राम चावल निशुल्क वितरित किया जा रहा है। जनपद में 876 राशन कोटे की दुकानें संचालित की जा रही हैं। इन राशन कोटे की दुकानों से शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों के 3.50 लाख से अधिक कार्डधारक जुड़े हैं, जो हर माह इन राशन कोटे की दुकानों से राशन लेते हैं।

इधर अबकी बार शासन ने राशन कोटे की दुकानों पर नोडल अधिकारियों की देखरेख में राशन वितरण कराने के निर्देश दिए हैं। उचित दर विक्रेताओं द्वारा राशन कार्डधारकों को ई-वेईग मशीन लिंक्ड ई-पास के माध्यम से आधार प्रमाणीकरण द्वारा राशन वितरण किया जाना है।

ऐसे राशन कार्डधारक जो किन्हीं कारणों से आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से राशन लेने से पूर्ण रूप से वंचित रहते है तो उन्हें वितरण दिवस के अंतिम दिन ओटीपी वेरिफिकेशन के माध्यम से राशन मुहैया कराया जाएगा।

खैर, इससे हटकर राशन वितरण के दौरान बरखेड़ा, बीसलपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में राशन की दुकानों पर मनमानी तस्वीर उजागर हुई है, जिससे कार्डधारक खासा परेशान हैं। आरोप है कि अगर कोई राशन लेने पहुंचता है तो कोटेदार की तरफ से उससे 50 रुपये लेकर दबंग , एक्टिव गोल्ड  नामक सर्फ दिए जा रहे हैं।

लोगों का कहना है कि इनकी क्वालिटी बेहद ही घटिया है। मगर, न  चाहकर भी इसको खरीदना मजबूरी है। वरना, राशन से वंचित होने की बात कह दी जा रही है। जबकि शासन स्तर से इस तरह का कोई आदेश नहीं है। जिम्मेदारेां की मिलीभगत से धांधली किए जाने की बात कार्डधारक भी कह रहे हैं, लेकिन कहीं योजना से वंचित न कर दिया जाए, इस डर में वह शिकायत नहीं कर पा रहे हैं।

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