लोकसभा में राहुल गांधी के हिंदू वाले बयान पर सियासत गरमाई,हिंदू शब्द कहां से आया,जानिए हिंदू-हिंदुत्व की पूरी कहानी

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न्यूज़लिंक हिंदी। हिंदू धर्म में साफ लिखा है सच का साथ देना चाहिए। राहुल के इस बयान पर देश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। आइए- जानते हैं कि हिंदू और हिंदुत्व का क्या मतलब है और बड़े-बड़े महापुरुषों ने इस बारे में क्या कहा है। यह शब्द कहां से चलन में आया, यह कहानी भी जानते हैं।

राहुल गांधी के बयान पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने पुरी तरह से हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उठे और कहा कि ये विषय बहुत गंभीर है। पूरे हिंदू समाज को हिंसक कहना ये गंभीर विषय है। इस मामले पर सियासत गरमा गई है।

मगर इतिहासिक साक्ष्यों में इसका वजूद 5000 साल पहले से है। आज पूरी दुनिया में हिंदुत्व है, इसमें से करीब 90 फीसदी हिंदू आबादी भारत में रहती है। ईसाई और इस्लाम के बाद हिंदू धर्म दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा धर्म है। यह माना जाता है कि इंडो आर्यन और इंडो यूरोपियन भाषाएं संस्कृत से ही विकसित हुई हैं।

सिंधु घाटी सभ्यता यानी हड़प्पा सभ्यता में हिंदुत्व के साक्ष्य मिट्टी की शिव की मूर्तियों में भी देखने को मिलती है। बाद में वैदिक ग्रंथों में भी हिंदू और हिंदुत्व के मौजूद होने के साक्ष्य मिलते हैं।

दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर राजीव रंजन गिरि कहते हैं कि हिंदू शब्द उत्तर भारत में बहने वाली नदी के नाम पर पड़ा। यह नदी थी सिंधु नदी। हिंदू शब्द या हिंदुत्व भारतीय शब्द नहीं है। जब भारत में फारसी यानी ईरानी आए तो चूंकि उनकी भाषा में स शब्द नहीं है तो वो सिंधु नदी को हिंदू कहने लगे और भारत को हिंदुओं का देश बताने लगे।

महात्मा गांधी ने भी हिंदू धर्म क्या है, इस बारे में बताया है। उन्होंने कहा था- अगर मुझसे हिंदू धर्म की व्याख्या करने के लिए कहा जाए तो मैं इतना ही कहूंगा-अहिंसात्मक साधनों द्वारा सत्य की खोज। कोई मनुष्य ईश्वर में विश्वास नहीं करते हुए भी अपने आपको हिंदू कह सकता है। सत्य की अथक खोज का ही दूसरा नाम हिंदू धर्म है।

अंतरराष्ट्रीय शब्दकोष वेबस्टर के अनुसार, हिंदुत्व सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक विश्वास और नजरिये का जटिल मेल है। यह भारतीय उप महाद्वीप में विकसित हुआ। मानवता पर विश्वास करता है। यह एक विचार है जो हर प्रकार के विश्वासों पर विश्वास करता है और धर्म, कर्म, अहिंसा, संस्कार व मोक्ष को मानता है और उनका पालन करता है । यह ज्ञान का रास्ता है, प्रेम का रास्ता है, जो पुनर्जन्म पर विश्वास करता है। यह एक जीवन पद्धति है।

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