न्यूज़लिंक हिंदी। भारत के स्टार शतरंज खिलाड़ी रमेशबाबू प्रगनाननंदा ने एक बार फिर कमाल किया है। उन्होंने मंगलवार (16 जनवरी) को टाटा स्टील शतरंज टूर्नामेंट में विश्व चैंपियन डिंग लिरेन को हराकर इतिहास रच दिया। इसके साथ ही वह अनुभवी शतरंज ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद को पछाड़कर पहली बार नंबर एक रैंक वाले भारतीय ग्रैंडमास्टर बन गए।
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18 साल के प्रगनाननंदा भारत के नंबर 1 चेस प्लेयर बन गए हैं। ये मुकाम उन्हें वर्ल्ड चैंपियन डिंग लिरेन को हराने के बाद हासिल हुआ है। दरअसल, इस जीत के बाद वो विश्वनाथन आनंद को रिप्लेस करते हुए नंबर 1 बने हैं। वर्ल्ड चैंपियन चीनी खिलाड़ी डिंग लिरेन के खिलाफ जीत आसान नहीं थी। यहां तक कि खुद प्रगनाननंदा को भी यकीन नहीं था कि वो इतनी आसानी से जीत जाएंगे। लेकिन, उन्होंने मुकाबला जीतकर सबको चौंका दिया।
प्रगनाननंदा और डिंग लिरेन के बीच टाटा स्टील शतरंज टूर्नामेंट में 16 जनवरी को ये मैच खेला गया, जिसमें प्रगनाननंदा ने अपनी छाप छोड़ी। प्रगनाननंदा ने खेल में आए उतार-चढ़ाव को लेकर बताया कि वो शुरुआत में अच्छा खेल रहे थे। लेकिन फिर उनका खेल बिगड़ने लगा। उन्हें यकीन नहीं था कि नतीजा इस तरह का रहेगा। आखिर में जीत हासिल कर अच्छा लग रहा है क्योंकि ये मनोबल बुस्ट करने का काम करेगा।
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प्रगनाननंदा इससे पहले भी टॉप के शतरंज खिलाड़ियों के खिलाफ जीत दर्ज करने को लेकर चर्चा में रहे थे। वो मैग्नस कार्लसन को भी हरा चुके हैं। इतना ही नहीं पिछले साल हुए चेस वर्ल्ड कप में अपने बेहतरीन प्रदर्शन से उन्होंने फाइनल में जगह बनाई थी। हालांकि, वो उस फाइनल को जीत नहीं पाए थे क्योंकि टाई ब्रेकर में उन्हें हार मिली थी। प्रगनाननंदा के नाम कई उपलब्धियां हैं, जिसमें एक ये भी है कि वो चेस वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचने वाले तीसरे सबसे युवा भारतीय हैं। और, अब उनका भारत का नंबर वन चेस प्लेयर बनना उन उपलब्धियों की अगली कड़ी है।

