सात साल में पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन की यात्रा पर जा रहे हैं, फिर क्या अमेरिका को चिंता है कि ब्रिक्स समूह टैरिफ़ के ख़िलाफ़ कोई भी क़दम उठाएगा?
और फिर जवाब में अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रधान उपप्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने ये भी कहा, भारत के संदर्भ में मैं यही कह सकता हूं कि राष्ट्रपति ट्रंप व्यापार असंतुलन और रूसी तेल की ख़रीद के मुद्दे पर बहुत ही स्पष्ट हैं।
और फिर भारत एक रणनीतिक साझेदार है, जिसके साथ बातचीत पहले की तरह जारी रहेगी।
और फिर हम हर बार 100 फ़ीसदी सहमत नहीं होते लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप रूस से तेल ख़रीद को लेकर स्पष्ट भी रुख़ रखते हैं।
हालांकि भारत सरकार की तरफ़ से चीन दौरे को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान भी नहीं आया है। और साथ ही अमेरिका ने भारत पर फ़िलहाल 50 फ़ीसदी टैरिफ़ भी लगाया गया है।
और फिर अमेरिका की हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी ने एक्स पर ये भी लिखा है, ट्रंप के अतिरिक्त टैरिफ़ ने अमेरिका-भारत साझेदारी को मज़बूत बनाने के लिए वर्षों से किए जा रहे प्रयासों को ख़तरे में डाल भी दिया है।
साथ ही कमेटी का ये भी कहना है, हमारे बीच गहरे रणनीतिक, आर्थिक संबंध हैं। और फिर सभी समस्याओं का समाधान हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप ही पारस्परिक सम्मान के साथ ही किया जाना चाहिए।