न्यूज़लिंक हिंदी। भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान राहुल गांधी का बड़ा बयान सामने आया है। राम मंदिर को लेकर कांग्रेस के कई नेता असमंजस में नजर आ रहे थे। लेकिन पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर अपना स्टैंड साफ़ कर दिया है। उन्होंने कहा कि वो राम मंदिर प्राण- प्रतिष्ठा में नहीं जाएंगे।
साथ ही उन्होंने अयोध्या में हो रहे कार्यक्रम को पीएम मोदी का सियासी कार्यक्रम बताया है। राहुल गाँधी बोले- 22 जनवरी का कार्यक्रम पॉलिटिकल इवेंट हैं। हम सभी धर्मों के साथ हैं। मुझे धर्म का फायदा नहीं उठाना। मैं उसमें इंट्रेस्टेड नहीं हूं। मुझे मेरे धर्म को शर्ट पर पहनने की जरूरत नहीं।
Nagaland had been given a committment by the Prime Minister nine years ago and it has not been fulfilled.
I've been speaking to Naga leaders, and they are perplexed as to why no progress has been made. We're not even clear about what the PM envisions in terms of a solution.… pic.twitter.com/UANIqdII2l
— Congress (@INCIndia) January 16, 2024
नॉर्थ ईस्ट के सूबे नगालैंड के कोहिमा में मंगलवार (16 जनवरी, 2024) को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केरल के वायनाड से कांग्रेस सांसद ने कहा कि राम मंदिर के उद्घाटन संबंधी कार्यक्रम को लेकर हिंदू धर्म के अहम लोगों ने भी सवाल दागे हैं कि 22 तारीख का कार्यक्रम चुनावी हो गया है। ऐसे में कांग्रेस अध्यक्ष ने नहीं जाने का फैसला लिया है। हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। हालांकि, हमारी पार्टी और गठबंधन में से जो लोग भी वहां जाना चाहे जा सकते हैं।
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वैसे, राहुल गांधी ने इशारों-इशारों में साफ कर दिया कि कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान वह अयोध्या नहीं जाएंगे। वह इस बाबत बोले- मैं यात्रा के रूट पर रहूंगा। फिलहाल अयोध्या न्याय यात्रा के रूट में नहीं है।

