भिंड जिले में बारिश ने भारी तबाही मचाई, SDRF की टीमें बचाव कार्य में जुटी

0
216

मध्य प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात पूरी तरह से बन चुके हैं। और फिर नदी-नाले उफान पर हैं, भारी बारिश के साथ लगातार बांधों से छोड़ा जा रहा पानी तबाही मचा रहा है।

साथ ही प्रदेश का पूरा चंबल अंचल भी इससे अछूता नहीं है। और जहां शिवपुरी और गुना जिलों में बनी बाढ़ की स्थिति में लोगों को रेस्क्यू करने आर्मी को बुलाना पड़ा तो वहीं भिंड जिले में भी चंबल और सिंध नदी ने कई गांव टापू में तब्दील कर दिए हैं।

साथ ही भिंड के अटेर क्षेत्र के देवालय, खेराहट, मुकुटपुरा, दीनपुरा, जमसरा आकोन समेत लगभग एक दर्जन गांव बाढ़ की पूरी तरह से चपेट में हैं।

और फिर कई गांव का मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। और जिन खेतों में कभी फसलें लहलहाती थी वो आज 35 से 40 फीट पानी में दबे हुए हैं।

लोग अपने गांव में घरों में कैद हैं। और इन हालातों में बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों को अटेर मुख्यालय से जोड़ने वाले सभी रास्ते पूरी तरह जलमग्न थे।

साथ ही 33 केवी बिजली लाइन भी पानी में डूबी हुई थी। और फिर कोई हादसा ना हो इसलिए बिजली सप्लाई भी काट दी गई है।

इसके अलावा प्रशासन ने ग्रामीणों की स्थिति को देखते हुए एसडीआरएफ की टीमें तैनात की हैं, जो लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है।

लोग पानी से घिरे होने के बाद भी घर छोड़ने को तैयार नहीं है। SDRF टीम देवालय गांव में रहने वाले एक छात्र को रेस्क्यू करने पहुंची थी, जिसकी शनिवार को परीक्षा थी।

और छात्र शिवम यादव ने बातचीत में बताया कि, उसका आईटीआई का पेपर है, लेकिन वह गांव में फंस गया था, परीक्षा ना छूटे इसलिए गांव के सचिव के जरिए प्रशासन को सूचित भी किया था।

और फिर जिसके बाद एसडीआरएफ टीम उसे सुरक्षित गांव से निकालने पहुंची थी।साथ ही सडीआरएफ कमांडर से बातचीत के बाद हम पहुंचे अटेर के बाढ़ ग्रस्त मुकुटपुरा गांव 250 की आबादी वाला यह पूरा गांव चारों ओर से चंबल के पानी से घिर चुका था।

और फिर ग्रामीणों के खेतों में 30 फीट पानी भरा हुआ है। खेतों में बोया बाजरा पूरी तरह बर्बाद हो गया।

और अब लोग पानी के किनारे ही बोर से आने जाने वालों पर टकटकी लगाए बैठे थे। ग्रामीणों का कहना था कि, इस गांव के लोग पिछले 5 दिनों से इसी तरह फंसे हुए हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here