Rajasthan: बाबा बालकनाथ मुख्यमंत्री की दौड़ से हुए बाहर; सोशल मीडिया पर लिखी ये बात

बालकनाथ ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए मुख्यमंत्री पद से खुद को बाहर कर लिया है। बाबा बालकनाथ ने अपनी पोस्ट में लिखा है, 'पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जनता-जनार्धन ने पहली बार सांसद व विधायक बनाकर राष्ट्रसेवा का अवसर दिया है।

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न्यूज़लिंक हिंदी, राजस्थान। राजस्थान में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के बाद मुख्यमंत्री के नाम को गहमागहमी तेज हो गई है। ऐसे में मुख्यमंत्री की रेस में शामिल तिजारा विधानसभा से भाजपा के नवनिर्वाचित विधायक बाबा बालकनाथ ने एक बयान जारी कर खुद को इस रेस से बाहर कर लिया है।

बालकनाथ ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए मुख्यमंत्री पद से खुद को बाहर कर लिया है। बाबा बालकनाथ ने अपनी पोस्ट में लिखा है, ‘पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जनता-जनार्धन ने पहली बार सांसद व विधायक बनाकर राष्ट्रसेवा का अवसर दिया है। चुनाव परिणाम आने के बाद से मीडिया व सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को नजर अंदाज करें। मुझे अभी प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में अनुभव प्राप्त करना है।

जानिए बालकनाथ ने क्या कहा…
बाबा बालकनाथ ने कहा पार्टी और प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व ने मुझे पहली बार सांसद और पहली बार विधायक बनने का मौका दिया। मुझे राष्ट्र की सेवा करने का अवसर दिया। लेकिन अब जो सोशल मीडिया पर चल रहा है उसे नजर अंदाज कीजिए। अभी मुझे प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में अनुभव प्राप्त करना है।

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बाबा के इन बयानों के बाद अब तमाम अटकलों पर विराम लग गया है कि वे सीएम बनने की रेस में है। यह बयान इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बयान उस समय आया है जब राजस्थान में सीएम का नाम फाइनल करने के लिए केंद्र से तीन पर्यवेक्षक आए हैं। वे तीनों आज दोपहर बाद आ सकते हैं और फिर विधायकों के साथ बैठकों का दौर शुरू होने जा रहा है।

कौन हैं बाबा बालकनाथ
उल्लेखनीय है कि बाबा बालकनाथ हरियाणा के रोहतक में स्थित मस्तनाथ मठ के गादीपति हैं। उन्हें कुछ महीनों पहले ही यहां की जिम्मेदारी दी गई है। वे मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं और अलवर जिले में उनका जन्म हुआ था। छह साल की उम्र में उन्होनें आध्यात्म का रास्ता चुनाव और अब अब इसी रास्ते पर आगे चल रहे है।

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