राजकोट से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 72 घंटों में हार्ट का अटैक पड़ने से सात लोगों की मौत हो गई।
राजकोट शहर और जिले में हार्ट अटैक से सात लोगों की मौत हो चुकी है। और इसके अलावा कोठारिया, गांधीग्राम, शापर और वेरावल में भी हार्ट अटैक से मौत की खबर भी सामने आई हैं।
बेलनाथपारा समेत कई इलाकों में हार्ट अटैक की घटनाएं और भी बढ़ गई हैं। दिल के दौरे से होने वाली अधिकतर मौतें 50 से 60 वर्ष की उम्र के लोगों में हुई हैं।
और आजकल युवाओं में दिल के दौरे के मामले बढ़ रहे हैं और मौतों के मामले भी सामने आ रहे हैं। राजकोट शहर की बात करें तो पिछले 72 घंटों में शहर में सात लोगों की हार्ट अटैक से मौत भी हो चुकी है।
मरने वाले ज्यादातर लोग 50 से 60 साल की उम्र के हैं। दिल का दौरा पड़ने से पांच पुरुषों और एक महिला की मौत हुई है।
गुजरात के राजकोट में आर्ट अटैक से हुई सात लोगों की मौत से लोग दहशत में भी हैं। अचानक 35 साल के शैलेश बरैया की मौत बसे उनके परिवार में शोक की लहर भी है। घर में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
आजकल छोटी उम्र में भी दिल के दौरे के मामलों से लोग चिंतित हो रहे हैं। बीते कुछ दिनों गुजरात के अहमदाबाद के जेबर स्कूल में आठ साल की बच्ची की स्कूल में हार्ट अटैक से मौत होने से पुरे ,में सनसनी फैल गई थी।
जब बच्ची अपनी क्लास की ओर जा रही थी कि अचानक से उसके सीने में दर्द होने लगा वह कॉरिडोर रखे एक बेंच पर बैठ गई। इसी दौरान बच्ची को हार्ट अटैक आ गया और फिर वह बेंच से नीचे गिर गई।
और इन मामलों में हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि फास्ट फूड के दौर में हमारी जीवनशैली बदल गई है, जिसके कारण दिल को और भी ज्यादा खतरा बढ़ गया है और यह समस्या सिर्फ हमारे राज्य या देश तक सीमित नहीं है, बल्कि आंकड़े कहते हैं कि दुनियाभर में 6.4 करोड़ से ज्यादा लोग हार्ट फेलियर से लगातार प्रभावित हैं।