न्यूज़लिंक हिंदी। हैदराबाद का एक रामभक्त अयोध्या के लिए पैदल यात्रा पर निकल पड़ा है। हैदराबाद के रहने वाले 64 साल के चल्ला श्रीनिवास शास्त्री आठ हजार किलोमीटर की पैदल यात्रा करेंगे। उनकी ये यात्रा शुरू हो गई है। इस दौरान शास्त्री अपने सिर पर चरण पादुकाएं रखकर यात्रा कर रहे हैं। इन चरण पादुकाओं पर सोने की परत चढ़ी हुई है। इसकी कीमत करीब 64 लाख रुपये है। शास्त्री इससे पहले राम मंदिर के लिए चांदी की पांच ईंटें भी दान कर चुके हैं। शास्त्री अयोध्या-रामेश्वरम मार्ग से यात्रा कर रहे हैं।
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वनवास के दौरान भगवान श्रीराम भी इस मार्ग से गुजरे थे। उन्होंने बताया कि वो श्रीराम की ओर से स्थापित सभी शिवलिंगों के दर्शन भी करेंगे। उन्होंने अपनी यात्रा 20 जुलाई को शुरू की थी। अपनी यात्रा के दौरान शास्त्री ओडिशा के पुरी, महाराष्ट्र के त्र्यंबक, गुजरात के द्वारका का दर्शन भी करेंगे। अगले 10 दिन में उनका अयोध्या पहुंचने का लक्ष्य है। शास्त्री अपने सिर पर पंचधातु से बनी सोने की परत चढ़ी चरण पादुकाएं ले जा रहे हैं। इसे वो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपेंगे।
8 हजार किलोमीटर चलेंगे पैदल
शास्त्री अयोध्या-रामेश्वरम मार्ग से यात्रा कर रहे हैं। वे प्रभु राम का पूरा वनवास मार्ग भी कवर करेंगे। साथ ही उन सभी शिवलिंगों के भी दर्शन करेंगे, जो प्रभु राम ने स्थापित किए थे। इसके लिए शास्त्री कुल 8 हजार किलोमीटर की पैदल यात्रा करेंगे। इस समय शास्त्री अपने सिर पर प्रभु राम की जो चरण पादुकाएं लेकर यात्रा कर रहे हैं, उन पर सोने की परत चढ़ी हुई है। इनकी कीमत 64 लाख रुपये है। इससे पहले भी शास्त्री राम मंदिर के लिए चांदी की पांच ईंटें दान कर चुके हैं।
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20 जुलाई से शुरू की यात्रा
शास्त्री ने अपनी पैदल यात्रा 20 जुलाई से शुरू की थी. इस यात्रा के दौरान शास्त्री ओडिशा के पुरी, महाराष्ट्र के त्र्यंबक, गुजरात के द्वारका का दर्शन भी करेंगे। उन्होंने 15 से 17 जनवरी तक अयोध्या पहुंचने का लक्ष्य रखा है। वे ये चरण पादुकाएं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौपेंगे। बता दें कि रामभक्त चल्ला श्रीनिवास शास्त्री के पिता ने अयोध्या में कार सेवा की थी। वो भगवान हनुमान के बहुत बड़े भक्त थे। उनकी इच्छा थी कि अयोध्या में राम मंदिर बने। अब चूंकि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है लिहाजा उनकी इच्छा पूरी होते देख शास्त्री प्रभु राम की सोने की चरण पादुका लेकर जा रहे हैं। शास्त्री के साथ 5 लोग और यात्रा पर रहे हैं।

