रूस ने बुधवार को ये कहा कि भारत की इस घोषणा में उसे ‘कुछ भी नया नहीं लगा’ कि वह अपनी तेल ख़रीद में विविधता भी लाएगा।
और फिर रूस ने कहा कि भारत हमेशा से रूस सहित अलग-अलग देशों से तेल खरीदता भी रहा है।
और फिर इससे पहले भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा था कि बदलते वैश्विक हालात के बीच भारत अपने नागरिकों के लिए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की रणनीति के तहत ऊर्जा स्रोतों में विविधता भी लाएगा।
फिर इसके साथ ही गोयल का बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से सोमवार को अमेरिका-भारत व्यापार समझौते की घोषणा के बाद ही आया।
और फिर ट्रंप ने कहा था कि भारत रूस की बजाए अमेरिका और वेनेज़ुएला से तेल ख़रीदने के लिए तैयार भी है।
हालांकि, भारत की ओर से ट्रंप के दावे की सार्वजनिक रूप से पुष्टि भी नहीं की गई है।
और फिर रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक़ ही भारत की तेल ख़रीद योजनाओं के बारे में पूछे जाने पर ही क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा।
सभी जानते हैं कि रूस भारत को तेल सप्लाई करने वाला एकमात्र देश बिल्कुल भी नहीं है।
और फिर उन्होंने कहा, हम, और न केवल हम, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा मामलों के क्षेत्र के सभी विशेषज्ञ, अच्छी तरह जानते हैं कि रूस भारत को तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई करने वाला एकमात्र देश बिल्कुल भी नहीं है।