न्यूज़लिंक हिंदी। मराठा समुदाय के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम फडणवीस से सोलापुर जिले के पंढरपुर में मुलाकात की। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को कहा कि सरकार मराठा आरक्षण की मांग को लेकर सकारात्मक है और मराठा समुदाय को आरक्षण देने की कोशिश चल रही है। डिप्टी सीएम फडणवीस अपनी पत्नी के साथ पंढरपुर में भगवान विट्ठल और देवी रुकमणी के मंदिर में कार्तिकी एकादशी के मौके पर पूजा करने पहुंचे थे।
देवेंद्र फडणवीस ने एक पोस्ट में लिखा
‘मैं मराठा समुदाय को आश्वस्त करना चाहता हूं कि राज्य सरकार उनकी मांग को लेकर सकारात्मक है। सीएम एकनाथ शिंदे ने सुनिश्चित किया है कि मराठा समुदाय को आरक्षण मिले। हम उनके साथ खड़े हैं और उनका पूरा समर्थन कर रहे हैं। इस मुद्दे का जरूर समाधान किया जाएगा और मराठा समुदाय को आरक्षण देने की कोशिशें चल रही हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने डिप्टी सीएम से की मांग
डिप्टी सीएम से मिले प्रतिनिधिमंडल ने ये भी मांग की है कि राज्य सरकार पंढरपुर में मराठा भवन बनाने के लिए जमीन मुहैया कराए। साथ ही अन्नासाहेब पाटिल आर्थिक विकास महामंडल और सारथी के उपकेंद्र शुरू किए जाएं।
प्रतिनिधिमंडल ने पंढरपुर में छात्रों के लिए एक हॉस्टल बनाने की भी मांग की है। बता दें कि सारथी, महाराष्ट्र सरकार की एक स्वायत संस्था है, जो मराठा और मराठा-खुंबी समुदाय के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक विकास के लिए काम करती है। डिप्टी सीएम ने इन सभी मांगों को पूरा करने की बात कही।
सीएम ने कहा कि ‘सोलापुर के जिलाधिकारी अगले 15 दिनों में मराठा भवन और हॉस्टल के निर्माण के लिए जमीन प्रतिनिधिमंडल को दिखा सकते हैं। जिस जमीन को प्रतिनिधिमंडल ओके करेगा, वहां पर अगले मानसून से पहले निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।’
हर समुदाय के अपने मुद्दे हैं, जिन्हें सुलझाया जाना चाहिए
डिप्टी सीएम ने पंढरपुर के मंदिर में पूजा के बाद कहा कि सभी समुदायों को एक दूसरे की इज्जत करनी चाहिए और तभी सभी लोग मिलकर तरक्की कर सकते हैं। बता दें कि डिप्टी सीएम का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब सकल मराठा समाज ने पंढरपुर मंदिर ट्रस्ट से कहा है कि जब तक उनकी आरक्षण और खुंबी जाति को मराठा समुदाय में शामिल करने की मांग नहीं मानी जाती है ।
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तब तक वह डिप्टी सीएम फडणवीस को मंदिर के वार्षिक सम्मेलन पूजा में आमंत्रित ना करें। डिप्टी सीएम ने कहा कि हर समुदाय के अपने मुद्दे हैं, जिन्हें सुलझाया जाना चाहिए लेकिन यह जरूरी है कि यह सब बिना किसी दूसरे समुदाय को गाली गलौज दिये बिना होना चाहिए।

