न्यूज़लिक हिंदी। भारत के अध्यात्म, वेद-पुराण से प्रभावित होकर रूस की एक महिला बाइक से अपने सहयोगी के साथ सभी शक्तिपीठों के दर्शन के लिए निकल पड़ी। आजमगढ़ में महिला ने अपने बारे में कई जानकारियां भी बताई।
कड़ाके की ठंड में नाथ संप्रदाय से जुड़ी रूस की महिला अपने सहयोगी के साथ बाइक से 52 शक्तिपीठों के दर्शन के लिए निकली है, अब तक वे 25 शक्तिपीठों का दर्शन कर चुके हैं। आजमगढ़ से होकर बक्सर होते हुए वे गंगासागर के लिए निकले। इस दौरान दोनों ने मीडिया से बातचीत में अपने सफर के बारे में भी बताया।
रूस की महिला योगिनी अन्नपूर्णा अपने हरियाणा निवासी सहयोगी योगी दीपक नाथ के साथ 52 शक्तिपीठों के दर्शन के लिए निकली हैं, दोनों बाइक से सफर कर रहे हैं। अब तक दोनों ने 25 शक्तिपीठों का दर्शन कर लिया है। रविवार को आजमगढ़ होकर गंगा सागर जा रहे थे। इस दौरान सभी की निगाहें उन पर जाकर टिक गईं।
यहां एक जगह वे थोड़ी देर के लिए रुके,इस दौरान मीडिया के साथ कई जानकारियां भी साझा कीं। सफर को लेकर दोनों काफी उत्साहित नजर आए। योगिनी अन्नपूर्णा ने बताया कि साल 2016 से नाथ संप्रदाय से जुड़ी है। उनके माता-पिता चर्चित डॉक्टर हैं। मां अमेरिका में रहती हैं, जबकि पिता मास्को में रहते हैं।
वह खुद एक बड़े समाचार पत्र में बड़े पद पर रह चुकी हैं,वह योगी दीपक नाथ के साथ शक्तिपीठों के दर्शन के लिए निकली हैं। वे हिंदी भाषा समझती है, लेकिन बोलने में दिक्कत होती है। मैम और जी संबोधन करने पर अन्नपूर्णा ने कहा कि न वह जी हैं, और न मैम वह महादेव की इच्छा से इस सफर पर निकली हैं।
नाथ संप्रदाय से प्रभावित होकर उन्होंने अपना देश छोड़ दिया है। भारत के आध्यात्म से प्रभावित वह कई वर्षों से तप साधना में लगी हुईं हैं। गौरतलब है कि हिन्दू धर्म में शक्तिपीठ का विशेष महत्व है। देवी पुराण में 51 शक्तिपीठों का वर्णन है। हर शक्तिपीठ की अपनी अलग पौराणिक कथा है।

