चीन की तरफ से बढ़ते हुए खतरे को देखकर ,नेवी के लिए न्यूक्लियर सबमरीन को सरकार देगी अब मंजूरी

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न्यूज़लिंक हिंदी। चीन की तरफ से बढ़ते हुए खतरे को देखकर , इंडियन नेवी के लिए न्यूक्लियर सबमरीन के निर्माण की मंजूरी मिलने की उम्मीद है।मिली जानकारी के मुताबिक सरकार इसी साल स्वदेश में ही न्यूक्लियर सबमरीन निर्माण के लिए मंजूरी दे सकती है।

नेवी के पास अभी एक भी न्यूक्लियर सबमरीन नहीं है और चीन की तरफ से बढ़ते खतरे को देखते हुए इसकी सख्त जरूरत बताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि नेवी के लिए तीसरे एयरक्राफ्ट कैरियर के प्रस्ताव को कुछ वक्त के लिए होल्ड किया जा सकता है और फोकस न्यूक्लियर सबमरीन पर किया जा सकता है।

मिली जानकारी के मुताबिक नेवी की तरफ से न्यूक्लियर सबमरीन की जरूरत को लेकर सरकार के पास प्रस्ताव भेजा गया है और सरकार ने भी इस पर सैद्धांतिक सहमति दी है। पहले नेवी का पूरा जोर तीसरे एयरक्राफ्ट कैरियर पर था। नेवी के पास अभी दो एयरक्राफ्ट कैरियर हैं। लेकिन सूत्रों का कहना है कि अब प्रायॉरिटी एयरक्राफ्ट कैरियर की जगह न्यूक्लियर सबमरीन हो गया है।

न्यूक्लियर सबमरीन एक महीने से भी अधिक वक्त तक बिना किसी की पकड़ में आए पानी के अंदर रह सकती है। चीन जिस तरह इंडियन ओशन रीजन में गतिविधियां बढ़ाने की कोशिश कर रहा है उसे देखते हुए न्यूक्लियर सबमरीन की सख्त जरूरत बताई जा रही है।

ये सबमरीन एयर इंडिपेंडेंट प्रपल्शन वाली होंगी, ये सिस्टम सबमरीन को ज्यादा वक्त तक पानी के नीचे रहने में पूर्ण मदद करता है। अभी इंडियन नेवी के पास इस तरह की भी कोई भी सबमरीन नहीं है। अभी नेवी के पास 16 कनवेंशनल सबमरीन हैं। जिसमें 5 कलवरी क्लास सबमरीन हैं और एक और कलवरी क्लास सबमरीन जल्दी ही मिलेगी।

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