न्यूज़लिंक हिंदी, दिल्ली। रविवार को चंडीगढ़ में किसान नेताओं और तीन केंद्रीय मंत्रियों की देर शाम करीब सवा आठ बजे शुरू हुई थी, चौथे दौर की बैठक। इसमें केंद्र सरकार चार और फसलों पर एमएसपी देने को तैयार हो गई है। केंद्र के इस प्रस्ताव पर बैठक में मौजूद किसान नेताओं ने कहा कि वह सभी संगठनों से बात कर आज इस पर अंतिम फैसला बताएंगे। हालांकि किसान संगठनों ने स्पष्ट कर दिया है कि एमएसपी की कानूनी गारंटी के लिए केंद्र अध्यादेश लेकर लाए। वह इससे कम किसी बात पर नहीं मानेंगे।
आंदोलन का आज सातवां दिन
जानकारी के लिए बता दे कि करीब दो घंटे देरी से शुरू हुई बैठक में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, पीयूष गोयल और नित्यानंद राय के साथ पंजाब के सीएम भगवंत मान और कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां भी शामिल हुए। वहीं दूसरी ओर, कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर पर हुई हरियाणा के किसान नेताओं, खापों और अन्य संगठनों की बैठक में फैसला लिया गया है कि यदि केंद्रीय मंत्रियों के साथ पंजाब के किसान संगठनों की वार्ता असफल रही तो हरियाणा के किसान संगठन और खाप पंचायतें आंदोलन में शामिल होंगी। बता दे कि किसानों के आंदोलन का आज सातवां दिन है। रविवार रात केंद्रीय मंत्रियों के साथ किसान नेताओं की पांच घंटे बैठक हुई।
दिल्ली कूच किया जाएगा
महापंचायत के बाद गुरनाम चढूनी और सर्वखाप पंचायत के समन्वयक डॉ. ओमप्रकाश धनखड़ ने बताया कि सभी संगठनों के प्रतिनिधियों का वाट्सअप ग्रुप बनाया जाएगा। आगे उन्होंने कहा कि रविवार देर शाम होने वाली वार्ता विफल होने पर आंदोलन के लिए पूरे प्रदेश में कॉल की जाएगी, जिसके बाद दिल्ली कूच किया जाएगा।
धनखड़ ने बताया कि सरकार ने ट्रैक्टर लेकर दिल्ली नहीं जाने दिया तो दिल्ली के ही किसानों के साथ मिलकर दिल्ली को घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शंभू बार्डर पर आंदोलनरत किसानों ने उन्हें बुलाया नहीं किया, लेकिन इससे उन्हें फर्क नहीं पड़ता।
दूध से लेकर सब्जी तक कर देंगे बंद
सर्वखाप पंचायत के समन्वयक डॉ. ओमप्रकाश धनखड़ ने बताया कि अगर सरकार नहीं मानी तो आंदोलन कड़े रूप में चलाया जाएगा। इसमें दिल्ली का दूध से लेकर सब्जी तक सब बंद कर दिया जाएगा। वे लगातार सभी प्रदेशों की खापों के साथ संपर्क में हैं और सभी जगह कॉल दी जाएगी।
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