न्यूज़लिंक हिंदी। पितृपक्ष खत्म होने के साथ ही और सूर्य ग्रहण के ठीक एक दिन बाद नवरात्रि का पर्व शुरू हो जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 15 अक्टूबर 2023 दिन रविवार से हो रही है और इसका समापन 24 अक्टूबर 2023 को होगा। इसी दिन दशहरा भी मनाया जाएगा। इस बार मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आ रही है जिसे शुभता, खुशहाली, समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। सबसे खास बात यह है कि इस बार कि नवरात्रि बेहद ही खास मानी जा रही है क्योंकि इस दिन कई अद्भुत संयोग का निर्माण होने जा रहा है। ज्योतिष के अनुसार करीब 30 साल बाद ऐसा संयोग बनने जा रहा है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
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शारदीय नवरात्रि के पहले दिन 3 शुभ योग
शश राजयोग – शारदीय नवरात्रि के पहले दिन शश राजयोग बन रहा है। शनि के प्रभाव से एक महायोग का निर्माण होता है जिसे शश राजयोग कहते हैं। कहते हैं जिसकी कुंडली में शश राजयोग बनता है उसके अच्छे दिन शुरु हो जाते हैं। वह राजा की तरह जिंदगी जीता है। धन, संपत्ति की कमी नहीं होती।
भद्र राजयोग – इस योग का संबंध बुध ग्रह से है। इस योग के प्रभाव से जातक लेखन, कारोबार के क्षेत्र में अपार सफलता प्राप्त करता है। उसकी बुद्धि, वाणी प्रभावशाली हो जाती है, जिससे कार्य में सफलता मिलने लगती है।
बुधादित्य योग – सूर्य और बुध अभी कन्या राशि में विराजमान है, इससे नवरात्रि में बुधादित्य योग का लाभ भक्तों को मिलेगा। करियर और कारोबार में तरक्की के लिए इस योग को बहुत अच्छा माना जाता है। इसके प्रताप से जातक अपने जीवन में ऊँचा मुकाम हासिल करता है।
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इस बात का ध्यान रखें
अगर आप माता रानी को प्रसन्न करना चाहते हैं कि नवरात्रि के पहले के दिन विधि-विधान के साथ कलश स्थापना करें और मां दुर्गा के सामने अखंड ज्योत जलाएं। मां दुर्गा की विधिपूर्वक पूजा और आरती करें। देवी को श्रृंगार की चीजें, लाल चुनरी, नारियल आदि अर्पित करें। नवरात्रि के दौरान साफ-सफाई का खास ध्यान रखें और तामसिक भोजन से दूर रहें।

