नवजात बच्चे को शहद चटाना चाहिए या नहीं? आज जानिए खानपान से जुड़ी बातें

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न्यूज़लिंक हिंदी। बच्‍चे के जन्‍म लेते ही लोग अपनी अपनी सलाह देना शुरू कर देते हैं। कोई कुछ कहता है तो कोई कुछ जबकि कुछ लोग नवजात को नमक और चीनी खिलाने की भी सलाह देते हैं।

भारतीय परंपरा के अनुसार, छाेटे बच्‍चों को शहद भी चटाना चाहिए। इससे उनका इस्‍मून सिस्‍टम मजबूत होता है। अगर आप भी पहली बार पेरेंट्स बने हैं और लोगों की सलाह के बाद कंफ्यूज हैं क्‍या सच है क्‍या नहीं, तो नोएडा के फोर्टिस अस्पताल के पीडियाट्रिक कंसल्टेंट डॉ. अंकित प्रसाद ने एक वीडियो में आपके सवालों का मुख्य जवाब दिया है।

डॉक्‍टर के अनुसार, बच्‍चाें की वीनिंग डाइट 6 महीने की उम्र से ही शुरू होती है। इससे पहले बच्‍चों को चीनी खिला सकते हैं। लेकिन ध्‍यान रखें, आपको उनके लिए सफेद चीनी का इस्‍तेमाल भी नहीं करना है। दरअसल, सफेद चीनी में कई सारे केमिकेल्‍स मौजूद होते हैं, जिससे बच्‍चों की इम्‍यनिटी कमजोर हो जाती है और वे जल्‍दी ही बीमार पड़ जाते हैं।

लोग मानते हैं कि बच्चों को मीठा या चीनी मिलाने से बाल भी झड़ते हैं। डॉक्‍टर की मानें, तो यह धारणा पूरी तरह से गलत है। क्‍योंकि बच्‍चों को मीठा खिलाने से नहीं, बल्कि सफेद चीनी खिलाने से बाल झड़ सकते हैं। इसलिए छोटे बच्‍चों को सफेद चीनी से बिल्कुल भी दूर रखना चाहिए।

6 महीने से कम उमे के बच्‍चों को नेचुरल स्वीटनर दे सकते हैं। यह पूरी तरह से सेफ है। इसके लिए गुड़ अच्‍छा अल्‍टरनेटिव है। यह आयरन और विटामिन से भरपूर है, जो बच्‍चों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसके अलावा बच्‍चों को आम, केला या चीकू का पल्‍प भी दे सकते हैं।

शहद को भी बच्‍चों की इम्‍यूनिटी स्‍ट्रांग करने के लिए अच्‍छा माना जाता है। लेकिन डॉक्‍टर के अनुसार, यह एक मिथ है। आप बच्‍चों को शहद चटा सकते हैं, लेकिन तभी जब आपने इसी सही तरह से स्‍टोर किया हो। जो शहद समय के साथ काला पड़ जाता है और स्‍वाद नहीं देता, इसे खिलाने से बच्चों में इन्फेंट बॉटुलिज्म नामक बीमारी का खतरा भी बढ़ जाता है।

इसमें मांसपेशियों में कमजोरी के साथ बच्‍चे की चूसने की क्षमता और भी ज्यादा कमजोर भी हो जाती है। एक्‍सपर्ट की ये भी सलाह है कि शुरू के 6 महीने बच्‍चे को शहद बिल्कुल न दें। 6 महीने के बाद आप शहद चटा सकते हैं, लेकिन यह शुद्ध और बिल्कुल ताजा होना चाहिए।

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