आज एक बार फिर से सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है, और फिर पिछले कुछ दिनों से सोने-चांदी की कीमतों में जो तेज उतार-चढ़ाव रहा है।
फिर उसने आम खरीदारों से लेकर बड़े निवेशकों तक सबको सोच में भी डाल दिया है। और फिर एक तरफ जहां अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने सोने को सुरक्षित निवेश के तौर पर देखा जा रहा है।
फिर वहीं दूसरी तरफ बीते दिन की तेजी के बाद मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में आई गिरावट ने मिडिल क्लास परिवारों को खरीदारी की एक उम्मीद भी दी है।
इसके साथ ही बाजार के जानकारों का मानना है कि सोने की कीमतों में आई यह गिरावट करेक्शन को दिखाता है।
और फिर सोने को ₹1,45,000 से ₹1,48,000 के बीच अच्छा सपोर्ट भी है। यानी अगर दाम यहां तक गिरते हैं, तो यह खरीदारी का बहुत ही अच्छा मौका होगा।
और फिर वहीं रेसिसटेंस लेवल ₹1.65 लाख से ₹1.75 लाख है यानी यह फिर से इस लेवल तक भी जा सकता है।
इतना ही नहीं अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को बातचीत होने वाली है, और फिर बाजार को उम्मीद है कि शायद तनाव थोड़ा कम हो जाए, इसलिए लोग अब डर के बजाय शांति की उम्मीद में बिकवाली भी कर रहे हैं।
और फिर डॉलर इंडेक्स में ऊपरी स्तरों से थोड़ी गिरावट आई है, जिसका असर सोने की कीमतों पर भी दिख रहा है।
और फिर अमेरिका में नए ‘फेड चेयरमैन’ के तौर पर केविन वॉर्श के नाम पर बाजार ने अपनी विभिन्न प्रतिक्रिया दे दी है, जिससे अब स्थिरता भी आ रही है।
आज यानी गुरुवार ,फरवरी को सर्राफा बाजार में बड़ी हलचल भी देखी जा रही है, पिछले दो दिनों की बढ़त के बाद आज सोने और चांदी, दोनों की कीमतों में गिरावट आई है।
और फिर सबसे ज्यादा असर चांदी पर पड़ा है, जिसके दाम आसमान से सीधे जमीन पर आ गिरे हैं। और फिर आज चांदी की कीमतों में 8 प्रतिशत से ज्यादा की भारी गिरावट भी दर्ज की गई।