न्यूज़लिंक हिंदी। चीन और रूस के लड़ाकू विमानों ने गुरुवार को दक्षिण कोरिया की हवाई सीमा में घुसपैठकरने की कोशिश की। इसके बाद दक्षिण कोरिया ने भी अपने लड़ाकू विमानों को तुरंत एयरबॉर्न कर दिया। इस घटना से अत्याधिक सैन्यीकृत कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ गया है।
रूसी और चीनी विमानों को सुबह 11:53 बजे से दोपहर 12:10 बजे के बीच दक्षिण कोरिया के वायु रक्षा पहचान क्षेत्र में देखा गया। यह घटना तब हुई है, जब उत्तर और दक्षिण कोरिया अपनी सीमा पर तनाव कम करने के लिए 2018 के समझौते से पीछे हट गए हैं।
उत्तर कोरिया ने पिछले महीने अंतरिक्ष में एक रॉकेट दागकर शक्ति प्रदर्शन किया था। इतना ही नही, उत्तर कोरिया ने हाल में ही अपना पहला जासूसी उपग्रह भी तैनात किया है। इसके बाद से दक्षिण कोरिया ने बंद की गई निगरानी उड़ानों को फिर से शुरू कर दिया है।
इससे उत्तर कोरिया आगबबूला है और उसने दक्षिण कोरिया के निगरानी विमानों को मार गिराने की धमकी दी है। उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया ने निगरानी टॉवर को भी गिरा दिया है। रूस और अमेरिका कोरियाई प्रायद्वीप के दो पुराने दुश्मनों को एक दूसरे के खिलाफ समर्थन भी दे रहे हैं।
अमेरिका जहां दक्षिण कोरिया को समर्थन दे रहा है, वहीं, रूस उत्तर कोरिया के साथ सीना तानकर खड़ा हुआ है। रूस उत्तर कोरिया को संयुक्त सैन्य अभ्यास में शामिल करने की कोशिश कर रहा है जिसमें चीन भी पूर्ण रूप से शामिल है।
जुलाई में प्योंगयांग की एक दुर्लभ यात्रा के दौरान रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने किम जोंग उन को प्रस्ताव दिया कि वे संयुक्त नौसैनिक अभ्यास करें जिसमें चीन भी शामिल हो। उधर अमेरिका लगातार दक्षिण कोरिया के साथ युद्धाभ्यास करने में जुटा हुआ है।

