फरवरी के आखिरी कारोबारी दिन भी शेयर मार्केट में बहुत ही तेज़ी के साथ गिरावट आई है। शेयर बाजार में लगातार पांचवें महीने गिरावट आई है।
साल 1996 में औपचारिक शुरुआत के बाद यह पहला मौका है। जब निफ्टी में लगातार पांच महीने गिरावट आई है। सितंबर के आखिर से बाजार में गिरावट का दौरा है और इस दौरान निवेशकों के 85 लाख करोड़ रुपये डूब गए हैं।
और अगर इतिहास पर नजर डालें तो निफ्टी में चार या उससे ज्यादा महीनों तक गिरावट सिर्फ छह बार ही हुई है। सबसे लंबी गिरावट सितंबर 1994 से अप्रैल 1995 के बीच देखी गई थी। तब निफ्टी लगातार आठ महीनों तक गिरा था और 31.4% तक नीचे आया था।
इसके साथ ही यह निफ्टी के आधिकारिक शुरुआत से पहले की बात है। निफ्टी की आधिकारिक शुरुआत 22 अप्रैल 1996 को हुई थी। इससे पहले के निफ्टी के आंकड़े बाद में गणना करके निकाले गए हैं।
निफ्टी की शुरुआत के बाद सबसे बुरी गिरावट जुलाई से नवंबर 1996 के बीच देखी गई। तब 5 महीनों तक लगातार गिरावट के बाद निफ्टी 26% नीचे आ गया था। अभी जो गिरावट चल रही है, वह पिछले पांच महीनों में 11.68% की रही है। यह पिछली गिरावटों की तुलना में कम है। ज्यादा पिछली गिरावटें दोहरें अंकों में भी हो रही हैं।
और इस साल निफ्टी एक सीमा में ही रहेगा। ब्रोकरेज के मुताबिक मार्च 2026 के अनुमानित P/E के हिसाब से निफ्टी अभी भी MSCI EM इंडेक्स से 90% ज्यादा पर भी कारोबार कर रहा है। कमाई में वृद्धि के अनुमान में कमी आ सकती है।
अल्पावधि में कोई खास तेजी की उम्मीद नहीं है। हालांकि, मध्यम अवधि में अच्छी वृद्धि की संभावनाएं और वित्त वर्ष 26 की दूसरी छमाही में बेहतर नकदी की स्थिति गिरावट को पूर्ण रूप से सीमित कर सकती है।