रूपए की शुरुआती कारोबार में 23 पैसे की गिरावट, और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी शुल्क को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच रुपया बुधवार को शुरुआती कारोबार में 23 पैसे टूटकर 85.73 प्रति डॉलर पर भी आ गया।
और विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के पहले कारोबारी सत्र में बुधवार को रुपया कमजोर रुख के साथ खुला।
साथ ही अमेरिका की जवाबी शुल्क की चिंताओं के कारण निवेशक इसके प्रभाव को लेकर सतर्क हैं। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 85.65 पर ही खुला।
इसके बार और लुढ़ककर 85.73 प्रति डॉलर पर आ गया जो पिछले बंद भाव से 23 पैसे की गिरावट दर्शाता है। रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 85.50 पर बंद हुआ था।
इतना ही नहीं यह वित्त वर्ष 2025-26 का पहला कारोबारी सत्र है। एक अप्रैल को बैंकों की वार्षिक खाता बंदी के कारण मंगलवार को मुद्रा व बॉण्ड बाजार बंद थे।
31 मार्च को ईद-उल-फित्र के अवसर पर शेयर, मुद्रा, जिंस और वायदा-विकल्प बाजार बंद रहे थे। और इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 104.19 पर रहा।
इतना ही नहीं अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.03 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74.51 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक मंगलवार को बिकवाल भी रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 5,901.63 करोड़ रुपये के शेयर भी बेचे गए ।