ट्रेनी डॉक्टर रेप व हत्या मामले में 3000 डॉक्टरों की हड़ताल, जानिए OPD, इमरजेंसी का स्टेटस

0
148

न्यूज़लिंक हिंदी। कोलकाता के जूनियर महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में देशभर में जूनियर डॉक्टर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। भोपाल के एम्स के 600 जूनियर और रेजीडेंट डाक्टरों ने काम बंद कर दिया था।

वहीं एमपी के अन्य मेडिकल कॉलेजों में जूनियर डॉक्टर हाथ में काली पट्टी बांधकर इलाज कर रहे थे, लेकिन गुरुवार रात 12 बजे से सभी मेडिकल कॉलेजों के करीब 3 हजार डॉक्टर काम बंद कर हड़ताल पर चले गए हैं। जिससे अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा सकती है। हालांकि, जूनियर डाक्टरों का कहना है कि इससे इमरजेंसी सेवाओं पर कोई भी असर नहीं होगा।

दरअसल, कोलकाता में जूनियर डॉक्टर से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में 12 अगस्त से ही एमपी में जूनियर डॉक्टर सांकेतिक रूप से प्रदर्शन कर रहे थे। वहीं एम्स भोपाल में जूनियर डाक्टरों ने काम बंद कर दिया था, लेकिन गुरुवार सुबह डायरेक्टर अजय सिंह के समझाइश के बाद काम पर लौटने का आश्वासन भी दिया था।

लेकिन कोलकाता के आरजी कर कॉलेज में फिर से हुई हिंसा के बाद डॉक्टर आक्रेाशित हो गए। उन्होंने गुरुवार रात 12 बजे से काम बंद हड़ताल करने का समर्थन भी किया। इसका असर भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा और अन्य स्थानों पर मौजूद मेडिकल कॉलेजों में होगा।

जूनियर और रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल को देखते हुए एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में डाक्टरों की छुट्टी भी निरस्त कर दी गई है। जिससे ओपीडी में आने वाले मरीजों को इलाज मिल सके।

वहीं, गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. कविता सिंह ने डाक्टरों को 24 घंटे ड्यूटी पर रहने का मुख्य आदेश जारी किया है। साथ ही मेडिकल फैकल्टी को इमरजेंसी, ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर, वार्ड और लैब में अपनी सेवाएं देने को भी कहा, यही हाल भोपाल एम्स का भी है। बता दें कि जूनियर डाक्टरों की हड़ताल के कारण छोटे छोटे ऑपरेशन भी टालने पड़ रहे हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here