न्यूज़लिंक हिंदी। अब सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट को इरफान सोलंकी की याचिका पर 10 दिनों में फैसला करने का मुख्य निर्देश दिया। सोलंकी ने आगजनी के मामले में अपनी सजा पर रोक लगाने की याचिका भी दायर की है।
उन्हें कानपुर में एक महिला के घर में आग लगाने के मामले में सात साल जेल की सजा मुख्य सुनाई गई थी। सोलंकी की पत्नी नसीम ने कहा कि इंसाफ की उम्मीद अब बढ़ गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट को इरफान सोलंकी की याचिका पर 10 दिनों में फैसला करने का मुख्य निर्देश दिया। इरफान ने आगजनी के एक मामले में अपनी सजा पर रोक लगाने की याचिका भी दायर की है। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने इलाहाबाद हाई कोर्ट से सोलंकी की याचिका पर शीघ्र निर्णय लेने को भी कहा।
दरअसल, उत्तर प्रदेश की एक स्थानीय अदालत ने कानपुर में एक महिला के घर में आग लगाने के मामले में सोलंकी और अन्य को भी दोषी ठहराया था। कोर्ट ने उन्हें सात साल जेल की मुख्य सजा भी सुनाई है। इस फैसले के खिलाफ सोलंकी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और मामले में अपनी दोषसिद्धि और सजा पर रोक लगाने की मुख्य मांग भी की।

