Tamil Nadu News :CM स्टालिन ने किया ऐलान,चक्रवात प्रभावित लोगों को मिलेंगे 6-6 हजार रुपये

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न्यूज़लिंक हिंदी। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने राज्य में ‘मिगजॉम’ तूफान से प्रभावित लोगों को 6-6 हजार रुपये की नकद सहायता देने का ऐलान किया। साथ ही उन्होंने फसल खराब होने पर मिलने वाले मुआवजे सहित विभिन्न श्रेणियों में राहत राशि बढ़ाने की शनिवार को घोषणा की।

यह सहायता उन लोगों को दी जाएगी जिनकी आमदनी चक्रवात के कारण प्रभावित हुई है। सरकार यह सहायता राशन की दुकानों पर कैश के रूप में देगी।

स्टालिन ने सीतारमण से कहा कि बिजली सप्लाई बहाल कर दी गई है और सड़कों की मरम्मत कर दी गई है लेकिन उत्पादन फिर से शुरू होने में समय लगेगा।

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद सचिवालय में उनकी अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें बाढ़ से हुए नुकसान और प्रभावित लोगों को दी जाने वाली राहत की समीक्षा की गई।  सीएम स्टालिन ने धान सहित बारिश से प्रभावित फसलों (33 प्रतिशत और अधिक) के लिए मुआवजा बढ़ा कर देने के लिए कहा।

गाय-बैल के मारे जाने पर भी बढ़ा मुआवजा

चक्रवात के कारण बारिश से जुड़ी घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को मिलने वाली सहायता राशि 4 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये की जाएगी। नावों और मछली पकड़ने के जालों को नुकसान होने की स्थिति में सहायता देने के लिए सरकार ने श्रेणी-वार रूपरेखा तैयार की है। इसके मुताबिक क्षतिग्रस्त मशीनीकृत नौकाओं के लिए अधिकतम सब्सिडी 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 7.50 लाख रुपये करना शामिल है।

गाय-बैल समेत मवेशियों के मारे जाने पर मुआवजा 30,000 रुपये से बढ़ाकर 37,500 रुपये किया जाएगा। ‘वेलाडू’ और ‘सेम्मारी आडू’ जैसी बकरी की नस्लों के लिए मुआवजा 3,000 रुपये से बढ़ाकर 4,000 रुपये किया जाएगा।

सरकार ने  खाने के लाखों पैकेट भी बांटे

क्षतिग्रस्त झोपड़ियों के लिए मदद अब 5 हजार रुपये से बढ़कर 8 हजार रुपये होगी। सरकार ने कहा कि चक्रवाती तूफान के कारण शुरू हुई बारिश से 8 दिसंबर तक अकेले चेन्नई जिले में 47 लाख खाने के पैकेट बांटे गए हैं। कुल मिलाकर, चेन्नई, चेंगलपेट, कांचीपुरम और तिरुवल्लूर जिलों में लोगों को 51 लाख भोजन पैकेट उपलब्ध कराए गए।

ब्रेड और बिस्किट के पैकेट के अलावा 58,000 किलोग्राम से अधिक दूध पाउडर और लगभग 10 लाख पीने के पानी की बोतलें वितरित की गईं। बारिश और बाढ़ के कारण उत्पन्न स्थिति से निपटने को लेकर डीएमके  सरकार को मुख्य विपक्षी दल एआईएडीएमके  और बीजेपी  की आलोचना का सामना करना पड़ा है।

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