न्यूज़लिंक हिंदी। भारतीय क्रिकेट टीम की कैप हासिल करना देश के किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ा सपना होता है। हालांकि, भारत की सीनियर टीम के लिए खेलना जितना कठिन है, टीम में जगह बनाए रखना भी उतना ही कठिन है। कई क्रिकेटरों ने ऐसा कर दिखाया और टीम में लंबे समय तक जगह बनाने में सफल रहे, लेकिन कुछ दुर्भाग्यपूर्ण क्रिकेटर ऐसे भी हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुद को साबित भी किया, लेकिन लंबे समय के लिए भारत की सीनियर टीम में नहीं खेल सके और उनका अंतरराष्ट्रीय करियर कुछ समय बाद खत्म हो गया। मनोज तिवारी भी उन्हीं क्रिकेटरों में से हैं, जिन्होंने लगभग दो दशकों तक बंगाल की सेवा की और भारत के लिए 12 वनडे और तीन टी20 मैच खेले। इस खिलाड़ी ने रविवार को रणजी ट्रॉफी में बंगाल के फाइनल मैच के एक दिन बाद संन्यास ले लिया।
इसी बीच सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी का बयान तेजी से वायरल हो रहा है। दरअसल, मनोज तिवारी ने पूर्व भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी से तीखा सवाल किया है। मनोज तिवारी ने महेन्द्र सिंह धोनी ने पूछा है कि शतक के बावजूद उन्हें टीम से बाहर क्यों किया गया? मनोज तिवारी ने कहा मैं महेन्द्र सिंह धोनी से पूछना चाहूंगा कि मुझे टीम से बाहर क्यों किया गया? जबकि उससे पिछले मैच में मैंने शतक बनाया था।

मनोज तिवारी आगे कहते हैं कि खासकर ऑस्ट्रेलिया दौरे पर कोई रन नहीं बना रहा था। ना तो विराट कोहली रन बना रहे थे ना रोहित शर्मा और ना ही सुरेश रैना। हालांकि, इस वक्त मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं है। लेकिन मैं धोनी से पूछना चाहूंगा कि शतक बनाने के बावजूद मुझे टीम से क्यों बाहर का रास्ता दिखा दिया गया? सोशल मीडिया पर मनोज तिवारी का बयान तेजी से वायरल हो रहा है। इसके अलावा सोशल मीडिया यूजर्स लगातार कमेंट्स कर मनोज तिवारी के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
ऐस रहा मनोज तिवारी का करियर
मनोज तिवारी के करियर की बात करे तो इस खिलाड़ी ने 12 वनडे मैचों के अलावा 3 टी20 मैचों में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया है। मनोज तिवारी ने 12 वनडे मैचों में 23.92 की एवरेज और 71.22 की स्ट्राइक रेट से 287 रन बनाए। वनडे फॉर्मेट में मनोज तिवारी के नाम 1 शतक और 1 अर्धशतक दर्ज है। वहीं, मनोज तिवारी ने 3 इंटरनेशनल टी20 मैचों में 15 की एवरेज और 88.24 की स्ट्राइक रेट से 15 रन बनाए। इसके अलावा मनोज तिवारी ने आईपीएल के 98 मुकाबले खेले।

