कासगंज और आगरा में हुए हाल ही में हुई दर्दनाक घटनाओं के बाद शासन ने स्कूली वाहनों की सुरक्षा को लेकर अब सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है।
फिर इन घटनाओं में खराब स्थिति और कमजोर फर्श के कारण झटके लगने पर बस का फर्श भी टूट गया।
और फिर जिससे वहां बैठी एक स्कूली छात्रा वाहन से नीचे गिरकर बस के पहिए के नीचे आ गई और उसकी दुखद मृत्यु भी हो गई।
और फिर शासन ने इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए प्रदेशभर में स्कूली वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के मुख्य निर्देश भी दिए गए हैं।
इसके साथ ही संभागीय परिवहन अधिकारी प्रभात पाण्डेय ने ये भी बताया कि परिवहन विभाग द्वारा 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक स्कूली वाहनों के विरुद्ध सघन जांच अभियान भी चलाया जाएगा।
फिर इसके तहत ऐसे वाहनों की सूची तैयार की जा रही है जिनकी फिटनेस या परमिट समाप्त भी हो चुका है अथवा जिनकी आयु 15 वर्ष पूरी भी हो चुकी है।
और फिर उन्होंने कहा कि जनपद में संचालित सभी विद्यालयों के प्रबंधन से अपेक्षा भी की गई है कि वे अपने स्कूल के सभी वाहनों की भौतिक जांच भी कराएं और सुनिश्चित करें।
वाहन की बॉडी, फर्श और अन्य तकनीकी व्यवस्थाएं पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत हों।
और फिर साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सभी वाहन स्कूल बसों के निर्धारित मानकों के बिल्कुल अनुरूप हों।
इसके अलावा प्रवर्तन अधिकारी ने ये भी चेतावनी दी कि अभियान के दौरान यदि बिना फिटनेस, बिना परमिट या मानकों का पालन न करने वाली बसें संचालित पाई गईं।तो उन्हें तत्काल थानों में निरुद्ध भी किया जाएगा।
और फिर ऐसी स्थिति में पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय प्रबंधन की होगी और परिवहन विभाग द्वारा ही कड़ी कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।