चुनाव आयोग ने केरल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और अंडमान और निकोबार में ही एसआईआर के बाद ही ड्राफ़्ट वोटर लिस्ट विभिन्न प्रकाशित कर दी है।
और फिर अंग्रेज़ी अख़बार ‘द हिंदू’ के मुताबिक़ इनमें कुल मिलाकर क़रीब 95 लाख वोटरों के नाम भी हटाए गए हैं।
इसके साथ ही ड्राफ़्ट के मुताबिक़ अंडमान और निकोबार में 64 हज़ार, केरल में क़रीब 24 लाख छत्तीसगढ़ में 27 लाख से ज़्यादा और मध्य प्रदेश में 42 लाख से ज़्यादा वोटरों के नाम पुराने वोटर लिस्ट से हटाए भी गए हैं।
हालाँकि अभी इस ड्राफ़्ट पर किसी भी दावे या आपत्ति के लिए समय होगा और अगर किसी मतदाता को लगता है कि उनका नाम ड्राफ़्ट लिस्ट में नहीं है तो वो इसके लिए अलग से आवेदन भी कर सकता है।
इतना ही नहीं बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद भारत के चुनाव आयोग ने 9 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की विभिन्न प्रक्रिया शुरू भी की थी।
और फिर चुनाव आयोग ने इस संबंध में 27 अक्तूबर को आदेश भी जारी किया था। और फिर इसके तहत छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल एवं तीन केंद्र शासित प्रदेशों अंडमान और निकोबार, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में 4 नवंबर से मतदाता की सूचियों के पुनरीक्षण की विभिन्न प्रक्रिया शुरू भी की गई थी।