कुंभ मेले में उत्तर प्रदेश सरकार ने बताया कि 66 करोड़ लोग पहुंचे। जबकि 13 जनवरी से 26 फरवरी तक चला यह मेला करीब 4 हजार हेक्टेयर के इलाक़े में फैला हुआ था।
साथ ही 45 दिन के इस आयोजन पर सरकार ने 7 हजार करोड़ रुपए खर्च किए। और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी विधानसभा में कहा, कुंभ के सफल आयोजन की गूंज दुनिया में लंबे समय तक सुनाई भी देगी।
लेकिन सफलता की इस गूंज’ में ऐसे बहुत सारे लोगों की आवाज़ें गुम हो गई, जिनकी मौत कुंभ में हुई भगदड़ में हुई।
और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 फरवरी को विधानसभा में बताया, 29 की रात्रि में संगम नोज़ के पास 1.10 मिनट से लेकर 1.30 बजे के बीच में यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटित हुई थी।
जबकि 66 श्रद्धालु उसकी चपेट में आए थे। और जिन्हें तत्काल हॉस्पिटल भी पहुंचाया गया। और जिसमें से 30 श्रद्धालुओं की मौत भी हुई है।
आगे उन्होंने कहा, एक की पहचान नहीं हो पाई। और उनका डीएनए सुरक्षित कर लिया गया। और उनका अंतिम संस्कार लोकल स्तर पर प्रशासन ने किया।
मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री जिन्हें ‘प्रेशर प्वाइंट’ बता रहे हैं उन जगहों पर भी श्रद्धालुओं की मौत भगदड़ में हुई है।
और 19 फ़रवरी को विधानसभा में दिए गए अपने बयान में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने ये भी कहा, कुछ लोग घायल हो रहे थे, जिसमें से लगभग 30-35 लोग अन्य स्थानों पर भी घायल भी हुए। उन्हें भी हॉस्पिटल भी पहुंचाया गया।