संभल मस्जिद की सर्वे रिपोर्ट नहीं खुलेगी, सुप्रीम कोर्ट ने कहा पहले शांति जरूरी, 8 जनवरी तक केस में कोई एक्शन न लें

Sambhal Jama Masjid Case: संभल की जामा मस्जिद मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।

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संभल में नमाज से पहले सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया गया।

संभल की जामा मस्जिद मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने आदेश दिया है कि मस्जिद की सर्वे रिपोर्ट नहीं खुलेगी, कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से कहा कि 8 जनवरी तक केस में कोई एक्शन न लें। पहले शांति जरूरी है। मस्जिद की सर्वे रिपोर्ट सील रखी जाएगी। इसे खोला नहीं जाएगा। सीजेआई ने कहा कि मामले में सही और गलत क्या है। हम अभी यह नहीं देख रहे हैं। याचिकाकर्ताओं को आदेश को चुनौती देने का अधिकार है। सीजीआई ने कहा कि हम इस समय कुछ नहीं कहना चाहते। हम इसे पेंडिंग रखेंगे। यह सुनिश्चित करें कि शांति बनी रहे।

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हाईकोर्ट की अनुमति के बिना मामले में आगे कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। ट्रायल कोर्ट 8 जनवरी तक कोई फैसला नहीं सुनाए। इलाहाबाद हाईकोर्ट को निर्देश दिया है कि मुस्लिम पक्ष की याचिका फाइल होते ही इस पर 3 दिन के भीतर सुनवाई करें। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा है कि संभल में शांति व्यवस्था बनाए रखें। दोनों समुदायों में शांति समिति का गठन करें।

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बता दें कि संभल में 24 नवंबर दिन रविवार को मस्जिद में सर्वे के दौरान भड़की हिंसा में 4 युवकों की मौत हुई थी। संभल की चंदौसी कोर्ट ने हिंदू पक्ष की याचिका पर 19 नवंबर को एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करते हुए सर्वे का आदेश दिया था। हिंदू पक्ष का दावा है कि जामा मस्जिद हरिहर मंदिर है। गुरुवार को संभल की शाही जामा मस्जिद की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। सीजेआई की बेंच में इस पर सुनवाई हुई।

हिंदु पक्ष के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने सबसे पहले चिंता जताई की वहां पर शांति और सद्भाव बरकरार रहे। सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद कमेटी से कहा कि आप इस ऑर्डर को हाई कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं। सुप्रीम ने यह भी कहा है कि 3 दिन के अंदर अगर आप हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हैं तो मामला हाई कोर्ट में लिस्ट किया जाए और हाई कोर्ट के अगले निर्देश का इंतजार किया जाए। तब तक के लिए ट्रायल कोर्ट की कार्रवाई रुकी रहेगी।

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