न्यूज़लिंक हिंदी। बांग्लादेश में अंतरिम सरकार बनने के बाद भी प्रदर्शन का दौर अभी तक थम नहीं रहा है, अब प्रदर्शनकारी बांग्लादेश के सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सहित सभी न्यायाधीशों के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट का मुख्य घेराव कर लिया है और अपनी मांग पर अड़े हैं। मिली जानकारी के अनुसार प्रदर्शनकारियों, जिनमें अधिकतर छात्र शामिल हैं, उन्होंने बांग्लादेश के सुप्रीम कोर्ट को घेर लिया है और चीफ जस्टिस के तत्काल इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इससे पहले, नौकरियों में आरक्षण प्रणाली के खिलाफ व्यापक प्रदर्शनों के बीच शेख हसीना सोमवार को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर देश छोड़कर चली गई थीं।
शेख हसीना के बाद नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस ने बृहस्पतिवार को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में शपथ ली है। यूनुस को मंगलवार को राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन द्वारा संसद भंग किए जाने के बाद अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया गया था। यूनुस ने रक्षा, शिक्षा, रेलवे, कृषि, वाणिज्य आदि सहित कई प्रमुख मंत्रालय अपने पास ही रखे हैं।
बांग्लादेश की नवगठित अंतरिम सरकार ने ‘बड़े देशों’ के साथ ढाका के संबंधों में ‘संतुलन’ बनाये रखने की आवश्यकता पर मुख्य जोर दिया है, विदेश मामलों के सलाहकार एवं पूर्व विदेश सचिव मोहम्मद तौहीद हुसैन ने संवाददाताओं से कहा कि कानून एवं व्यवस्था बहाल करना इस समय अंतरिम सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है तथा पहला लक्ष्य हासिल हो जाने के बाद अन्य कार्य भी हो जाएंगे।
बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी प्रदर्शनों के मुख्य समन्वयकों में से एक छात्र नेता नाहिद इस्लाम को देश की नवगठित अंतरिम सरकार में सूचना प्रौद्योगिकी और डाक मंत्रालय का प्रभार मुख्य रूप से सौंपा गया है, सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की कि भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन के एक अन्य प्रमुख नेता आसिफ महमूद को युवा एवं खेल मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया है।

