न्यूज़लिंक हिंदी। 1 जून को अंतिम चरण की वोटिंग होगी। हर तरफ यही सवाल है कि किसकी सरकार बनेगी? क्या बीजेपी 2024 के लोकसभा चुनाव जीतेगी और हां तो फिर कितने बड़े अंतर से? हालांकि 4 जून से पहले केवल कयास मुख्य रूप से लगाए जा रहे हैं।
दरअसल, 19 अप्रैल से वोटिंग का आगाज के होने के बाद से शेयर बाजार और सट्टा बाजार में तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं, जिससे बीजेपी के ‘400 पार’ का नारा थोड़ा कठिन लग रहा है। क्योंकि चुनाव से पहले तमाम ओपिनियन पोल में बीजेपी को 370-410 सीटों पर जीत की संभावना बताई गई।
हालांकि मई महीने के शुरुआत में चुनाव से जुड़ी आ रहीं खबरों ने शेयर बाजार के निवेशकों को थोड़ा बेचैन कर दिया था। जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणियों के बाद निवेशकों की घबराहट थोड़ी कम हुई, जहां दोनों नेताओं ने मौजूदा सरकार के लिए मजबूत जनादेश और इस प्रकार नीति निरंतरता की उम्मीद जताई।
बाजार विश्लेषकों के बीच इस बात को लेकर संदेह है कि क्या बीजेपी का ‘400 पार’ का महत्वाकांक्षी लक्ष्य पूरा हो पाएगा। बिजनेस टुडे के मार्केट सर्वेक्षण का मानना है कि बीजेपी ‘400 पार’ लक्ष्य से पीछे रह सकती है। विश्लेषकों का कहना है कि बीजेपी जितनी ज्यादा सीटें जीतेगी, शेयर बाजार को ऊपर जाने की संभावना उतनी ही बेहतर होगी।
चॉइस वेल्थ के उपाध्यक्ष निकुंज सराफ का कहना है कि यह देखना होगा कि कम मतदान प्रतिशत का बीजेपी की संभावनाओं पर कितना असर पड़ता है। उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि NDA के लिए 400 सीटों को पार करना आसान नहीं होगा, क्योंकि पिछले 10 सालों में सत्ता विरोधी लहर बनी हुई है, एनडीए का पिछले चुनाव के आंकड़ों को छूना या उससे थोड़ा ऊपर रहने का अनुमान है, क्योंकि इस बार दक्षिण भारत समेत देश के कुछ हिस्सों में गठबंधन की वजह I.N.D.I.A. अलायंस से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
बता दें, 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 303 सीटें जीती थीं। जबकि 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 282 सीटें मिली थीं। हालांकि बाजार की धारणा काफी हद तक इस बात से प्रभावित होगी कि बीजेपी को कितनी सीटें मिलती हैं। उन्होंने कहा कि बाजार धीरे-धीरे बीजेपी या एनडीए की जीत का अनुमान लगा रहा है।

