न्यूज़लिंक हिंदी। भारतीय शेयर बाजार में आई इस गिरावट का सबसे ज्यादा मुख्य कारण अमेरिका है। दरअसल, अमेरिका में इस समय मंदी के बादल छाए हुए हैं।
वहीं अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग PMI में भी गिरावट आई है। साथ ही यहां बेरोजगारों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। इस कारण कल अमेरिकी शेयर मार्केट में भी भारी गिरावट आई थी। इसका असर आज भारतीय शेयर मार्केट में देखने को मिला और चौरतरफा बिकवाली हुई। इससे भारतीय शेयर मार्केट में गिरावट आ गई।
शुक्रवार को ऑटो, ऊर्जा और आईटी शेयरों में गिरावट देखने को मिली। इस गिरावट के कारण बीएसई पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का बाजार पूंजीकरण लगभग 4.56 लाख करोड़ रुपये घटकर 457.06 लाख करोड़ रुपये रह गया। फार्मा और हेल्थकेयर को छोड़कर सभी प्रमुख क्षेत्रीय सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी रियल्टी, ऑटो, मेटल और आईटी में सबसे अधिक गिरावट आई।
अमेरिका में आई गिरावट का असर एशियाई मार्केट में भी मुख्य रूप से पड़ा। इससे एशियाई शेयरों में गिरावट आई, जिससे आर्थिक परिदृश्य के बिगड़ने की आशंका बढ़ गई। जापान के निक्केई शेयर औसत में शुक्रवार को लगभग 6% की गिरावट आई और यह चार साल से अधिक समय में सबसे खराब सत्र रहा। अमेरिकी, यूरोपीय और अन्य एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली के कारण भी भारतीय शेयर मार्केट में भारी गिरावट दर्ज़ की गई।
गिरते बाजार में भी काफी शेयरों में जमकर फायदा दिया। न्यूलैंड लैब्स, वेल्थ फर्स्ट पोर्टफोलियो मैनेजर्स, एसजेएस एंटरप्राइजेज, प्लैटिनम इंडस्ट्रीज और जोमैटो के शेयरों ने आज अपने 52-सप्ताह के नए उच्चतम स्तर को मुख्य रूप से छुआ। वहीं आयशर मोटर्स, मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, हिंडाल्को और जेएसडब्ल्यू स्टील में भारी गिरावट दर्ज़ की गई।

