न्यूज़लिंक हिंदी। कांग्रेस संगठन में अब होंगे बड़े बदलाव,लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस में नए सिरे से बदलाव की तैयारी अब शुरू हो गई है। संगठन में सक्रिय युवाओं के साथ ही पिछ़ड़ों, दलितों एवं अल्पसंख्यकों की भागीदारी बढ़ाने की तैयारी है।
कई जिलों के जिलाध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी भी मुख्य रूप से बदले जाएंगे। लोकसभा चुनाव परिणाम से कांग्रेस उत्साहित है। प्रदेश नेतृत्व जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर निरंतर अभियान चलाने की तैयारी में है। पार्टी की रणनीति है कि संसद में जिन मुद्दों को उठाया जाए, उसे लेकर सड़क पर भी आंदोलन हो।
इसके तहत वह प्रदेश में विपक्ष की भूमिका भी निभाना चाहती है। ऐसे में कांग्रेस को ऐसे युवाओं की तलाश है, जो जनहित के मुद्दों को लेकर निरंतर आंदोलन को पूर्ण रूप से चला सके। पार्टी ने ऐसे युवाओं को चिन्हित करना शुरू कर दिया है। इसी रणनीति के तहत कई जिलों के जिलाध्यक्षों को भी बदला जाएगा।
ये जिलाध्यक्ष संगठन को सक्रिय करने के बजाय जिलों में आपसी गुटबाजी बढ़ा रहे हैं। ऐसे जिलाध्यक्षों को हटाने की मुख्य तैयारी है। इसी तरह ब्लॉक कार्यकारिणी से लेकर जिला कार्यकारिणी में पिछड़ों, दलितों एवं अल्पसंख्यकों की भागीदारी बढ़ाने की भी तैयारी पूर्ण रूप से चल रही है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बताया कि संगठन में काम करने वालों की जरूरत है। भीड़ के बजाय निरंतर जनता के हितों के लिए संघर्ष करने वालों को पूर्ण रूप से आगे बढाया जाएगा। ऐसे युवाओं को संगठन में अहम जिम्मेदारी देकर उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित की जाएगी।
कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष शाहनवाज आलम ने रविवार को कहा कि भाजपा और एनडीए के नेता दलितों और पिछड़ों में आरक्षण व्यवस्था को निष्प्रभावी कर देने से बढ़ते आक्रोश को थामने की कोशिश में मुख्य रूप से जुटे हैं। आपस में आरोप प्रत्यारोप करने का नाटक भी कर रहे हैं।
ओबीसी और अनुसूचित वर्गों के अभ्यर्थियों को अयोग्य घोषित कर उन सीटों को अनारक्षित कर देने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय मंत्री और अपना दल की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखा पत्र इसी नाटक का मुख्य हिस्सा है।

