न्यूज़लिंक हिंदी। संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UNWTO) ने गुजरात के कच्छ जिले के धोरडो गांव को उत्कृष्ट पर्यटन गांव 2023 की अपनी सूची में शामिल किया है। इस उपलब्धि की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि धोरडो को उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता के लिए मनाया जाता देखकर बेहद रोमांचित हूं। यह सम्मान न केवल भारतीय पर्यटन की क्षमता को दर्शाता है, बल्कि विशेष रूप से कच्छ के लोगों के समर्पण को भी दर्शाता है। इसके साथ ही इस मौके पर पीएम मोदी ने खुशी जाहिर करते हुए अपने एक्स अकाउंट पर एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने धोरडो गांव की थ्रोबैक तस्वीर शेयर की जब वह 2009 और 2015 में वहां गयें थे। उन्होंने लोगों से अपनी-अपनी धोरडो की यादें साझा करने को भी कहा।
Absolutely thrilled to see Dhordo in Kutch being celebrated for its rich cultural heritage and natural beauty. This honour not only showcases the potential of Indian tourism but also the dedication of the people of Kutch in particular.
May Dhordo continue to shine and attract… https://t.co/cWedaTk8LG pic.twitter.com/hfJQrVPg1x
— Narendra Modi (@narendramodi) October 20, 2023
भारत-पाकिस्तान सीमा से पहले पड़ता है ये गांव
गुजरात के कच्छ जिले के छोटे से गांव धोरडो को बेस्ट टूरिज्म विलेज घोषित किया है। संयुक्त राष्ट्र के टूरिज्म आर्गनाइजेशन ने दुनिया के 54 गांवों में गुजरात के इस गांव को स्थान दिया है। सफेद नमक की वजह से रेगिस्तान में पड़ने वाला ये गांव सर्दियों के दिनों में और भी ज्यादा सफेद दिखने लगता है। गांव की इस खूबसूरती को दुनियाभर में दिखाया है। यही नहीं, यहां हर साल रण उत्सव भी होता है। चलिए आपको इस गांव के बारे में बताते हैं।
गांव की आबादी है बेहद कम
धोरडो कुछ ही आबादी वाला छोटा सा गांव था, जिसे गुजरात के कुछ ही लोग जानते थे। ये गुमनाम गांव को रण उत्सव के दौरान पहचान मिली। बता दें, ये कच्छ जिले के उत्तरी हिस्से में मौजूद बननी क्षेत्र का आखिरी गांव है। रण उत्स्व के बॉस इस गांव में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर का भी निर्माण हुआ।
30 साल पहले शुरू किया गया था ये सफर
गुलबेग मियां ने तीन दशक पहले उत्सव के आयोजन को लेकर प्रयास किया था। 90 के दशक में तो यहां छोटे-मोटे उत्सव हुआ करते थे। इस गांव की आबादी आज भी 1000 से कम है, लेकिन रण उत्सव के आयोजन पर यहां टेंट सिटी बनती है, जिसमें पर्यटक रुककर सर्दियों के सीजन का मजा उठाते हैं।

