आज केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय ने जमालुद्दीन उर्फ़ छांगुर बाबा से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी भी की।
और फिर मिली जानकारी के अनुसार, ईडी ने यह छापेमारी धर्मांतरण गिरोह से जुड़े धन शोधन मामले की जांच को लेकर ही की है।
सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने छापेमारी 14 जगहों पर की है। इसके अलावा यूपी एटीएस छांगुर बाबा को गिरफ्तार भी कर चुकी है, एटीएस ने छांगुर बाबा पर धर्मांतरण रैकेट चलाने का आरोप भी लगाया है।
इतना ही नहीं छांगुर बाबा बलरामपुर ज़िले के उतरौला तहसील के अंतर्गत रेहरा माफ़ी गाँव के रहने वाले हैं। और उनका जन्म इसी गाँव में हुआ था।
साथ ही गाँव के लोग बताते हैं कि छांगुर बाबा साइकिल से नग और अंगूठी बेचने का काम भी करते थे।
और फिर कई सालों तक ये काम करने के बाद वे मुंबई चले गए और बाद में अपने आप को पीर भी घोषित कर दिया।
इसके अलावा छांगुर बाबा दो बार 2005-2010 और 2015-2020 तक अपने गाँव रेहरा माफ़ी के प्रधान भी रह चुकें।
और फिर पिछले दिनों उन्हें इस मामले में गिरफ़्तार भी किया गया है। और राज्य सरकार ने इस मामले में आगे की कार्रवाई करते हुए नेपाल की सीमा से सटे बलरामपुर ज़िले में उनके घर को बुलडोज़र से गिरा भी दिया।
हालाँकि ये घर उनकी सहयोगी के नाम पर ही है। लेकिन छांगुर बाबा का परिवार यहीं रहता था। और फिर एक बयान में उन्होंने ये भी कहा, “हमारी सरकार बहन-बेटियों की गरिमा और सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध भी है।
और फिर प्रारंभिक जाँच में मामला सामने आया है कि अभियुक्त की गतिविधियाँ केवल समाज विरोधी ही नहीं, बल्कि राष्ट्र विरोधी भी हैं। “
हालाँकि छांगुर बाबा पर लगे आरोपों पर उनके और उनकी सहयोगी के वकील मोहम्मद आमिर का ये भी कहना है, और फिर ये मामला अब अदालत में है, तो इस पर जो भी कुछ कहना होगा।
और फिर वो अदालत में ये भी कहा जाएगा। फिर हम अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा क़ानूनी दायरे में भी करेंगे। और जहाँ तक आरोपों का सवाल है, अभी इस पर जाँच भी चल रही है। “