न्यूज़लिंक हिंदी। उत्तराखंड के रुड़की में मंगलवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। आज सुबह लगभग 8:30 बजे मंगलौर कोतवाली के लहबोली गांव में ईंट भट्टे की दीवार अचानक गिर गई। इस दौरान आधा दर्जन से ज्यादा मजदूर मलबे के नीचे दब गए। इस दौरान छह मजदूरों के शव निकाले गए, जबकि दस मजदूर घायल हो गए, जिसमें से दो की हालत गंभीर है। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से मलबे में दबे लोगों को निकलवा कर रुड़की स्थित विनय विशाल हॉस्पिटल रवाना किया गया।
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सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस हादसे में 6 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जिनके शव निकाले जा चुके हैं जबकि दो घायलों का इलाज विनय विशाल अस्पताल, रुड़की में चल रहा है। मलवे से एक मवेशी का शव भी बरामद हुआ है।
जानकारी के अनुसार, सुबह ईंट पकाने के लिए चिमनी में ईंट भरते समय हादसा हुआ। मजदूर काम कर ही रहे थे कि दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। इससे पहले कोई कुछ समझ पाता दीवार के पास खड़े मजदूर मलबे में दब गए।
एसपी देहात समेत पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहीं, एसएसपी और डीएम ने भी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और ग्रामीणों से बात की। मृतकों के नाममुकुल(28) पुत्र सुभाष ग्राम निवासी उदलहेड़ी, साबिर(20) पुत्र महबूब निवासी मिमलाना, मुजफ्फरनगर, अंकित (40) पुत्र धर्मपाल ग्राम उदलहेड़ी,बाबूराम(50) पुत्र कालूराम निवासी लहबोली, जग्गी(24) पुत्र बिस्म्बर, निवासी पिनना, मुजफनगर, समीर पुत्र महबूब, निवासी गांव मिमलाना जिला मुजफ्फरनगर। घायलों के नामरवि पुत्र राजकुमार(25) बड़ौतइंतजार पुत्र लतीफ(25), निवासी चुड़ियाला
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मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा किया। साथ ही शव उठाने से इंकार कर दिया है। जिसे लेकर ग्रामीणों और पुलिस में तीखी नोकझोंक हो गई। मौके पर आस-पास के थानों और कोतवाली का फोर्स बुलाया गया। वहीं जिलाधिकारी और एसएसपी की ओर से ग्रामीणों को समझने का प्रयास किया गया। लेकिन ग्रामीण की 10 से 15 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग पर अड़े रहे।
करीब एक घंटे हंगामे के बाद मुआवजे की मांग पूरी होने पर ग्रामीणों ने शव उठने दिए। मृतक के परिजनों को ईंट भट्ठा मालिक की ओर से साढ़े तीन-तीन लाख और मुख्यमंत्री की ओर से ढाई-ढाई लाख की धनराशि मुआवजे के रूप में देने की घोषणा की गई है। इसके बाद पुलिस ने पांचों शवों को पोस्टमार्टम के लिए रुड़की सिविल अस्पताल भेज दिया।

