योगी सरकार की योजना से स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को उनके घरों के मालिकाना हक का दस्तावेज घरौनी मिलेगा। यह खतौनी की तरह ही घरों के लिए एक कानूनी दस्तावेज होगा।
इससे ग्रामीणों को अपने घरों पर बैंक से कर्ज लेने और ग्राम पंचायतों को कर निर्धारण में पूर्ण मदद मिलेगी। 18 जनवरी को सभी तहसीलों में लाभार्थियों को घरौनी का वितरण किया जाएगा।
और यह घर आपका है, इसका दस्तावेज बनेगी ‘घरौनी’। जिस तरह कृषि भूमि के मालिकाना हक का दस्तावेज खतौनी होती है, उसकी तरह अब घरों के दस्तावेज के रूप में घरौनी होगी।
अब ग्रामीणों के पास अपने घर के मालिकाना हक का दस्तावेज रहेगा। सभी तहसीलों में 50 हजार 467 लाभार्थियों की घरौनी तैयार हो गई है।
और इनका वितरण 18 जनवरी को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्व विद्यालय के सभागार में कराने की तैयारी है। स्वामित्व योजना के तहत गांवों में ड्रोन सर्वे कर घर चिह्नित किए गए।
इसके बाद इनका मालिकाना हक तैयार किया गया है। घरों के मालिकाना हक का कानूनी दस्तावेज नहीं था। अब घरौनी के रूप में घर के मालिकाना हक का दस्तावेज रहेगा।
और गांवों में घरों के मालिकाना हक का दस्तावेज न होने के कारण विवादों के निस्तारण में दिक्कत आती थी, अब ऐसा नहीं होगा। घरों पर बैंक से कर्ज लेने की सुविधा रहेगी। ग्राम पंचायतों को घरों पर कर निर्धारण का अधिकार रहेगा, इससे राजस्व बढ़ेगा।
इसके अलावा ग्रामीणों के बीच 26 दिसंबर 2024 को घरौनी का वितरण होना था, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का निधन होने से यह कार्यक्रम टाल दिया गया था। अब 18 जनवरी को सभी तहसीलों में लाभार्थियों को घरौनी का वितरण पूर्ण किया जाएगा।
और इसके अलावा छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में सदर तहसील के लाभार्थियों को घरौनी वितरण होगा। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी दिखाया जाएगा।