न्यूज़लिंक हिंदी। उन्नाव जिले में बिहार थाना क्षेत्र के भदेवरा गांव में मानिसक बीमार महिला ने तीन बच्चों समेत पिया जहर हुई उसके दो बच्चों की मौत,इस घटना में मृत बेटे का शव रविवार को बक्सर घाट पर दफनाया गया।
कानपुर हैलट में भर्ती तीसरी बेटी की हालत में सुधार है। भदेवरा गांव निवासी किसान जगमोहन कुरील की पत्नी केतकी ने गुरुवार को अपने बच्चों में बेटी महक,मानवी और बेटे आर्यन को पानी में मिलाकर जहर पिलाया था। जिला अस्पताल में केतकी की उसी दिन और बच्चों में कानपुर हैलट में भर्ती हुई महक को गुरुवार रात और बेटे आर्यन की शुक्रवार देर शाम मौत हो गई थी।
इसमें केतकी और मानवी का अंतिम संस्कार शनिवार को बक्सर घाट पर हुआ था। केतकी की चिता को मुखाग्रि दी गई थी। जबकि महक का शव दफन किया गया था। आर्यन का शव शनिवार देर रात गांव पहुंचने पर रविवार सुबह बहन के शव के बगल में उसका भी शव दफन किया गया।
कानपुर हैलट में भर्ती तीसरी बच्ची मानवी की हालत में सुधार है। थानाध्यक्ष शिवप्रकाश पांडेय ने बताया कि बेटे का शव बक्सर घाट पर दफन किया गया है। छोटी बेटी की हालत में सुधार है। बता दें कि भदेउरा गांव में मानसिक बीमार महिला ने तीन बच्चों को जहर देने के बाद खुद भी जहर खा लिया था।
दो साल से मानसिक रूप से बीमार थी केतकी
इसमें महिला की मौत, जबकि तीनों बच्चों को गंभीर हालत में कानपुर हैलट रेफर किया गया है। किसान जगमोहन की पत्नी केतकी दो साल से मानसिक बीमार थी। सुबह साढ़े सात बजे जगमोहन मजदूरी करने और वृद्ध मां धुन्नन खेत गई थी। घर में केतकी व बच्चों में बेटी महक, मानवी और बेटा आर्यन घर में थे।
करीब नौ बजे केतकी ने गेहूं में डाली गई कीटनाशक (सल्फास) निकाल कर उसे पानी में मिलाकर पहले महक, फिर मानवी और फिर आर्यन को पिलाया और फिर खुद भी पी लिया। बच्चों को रोने पर पड़ोसी नितिन पहुंचा और महिला व बच्चों की हालत देख जगमोहन को सूचना दी।

