लखनऊ। एटीएस की जांच में धर्मांतरण गिरोह के सरगना जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के संपर्क में था। बाबा ने अपने धर्मांतरण के नाम से खड़े किये गये नेटवर्क का प्रयोग कर आईएसआई से सीधा संपर्क साध चुका था। इसके लिए नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित पाकिस्तानी दूतावास में आईएसआई एजेंट के साथ गोपनीय बैठक भी हुई थी। यह जानकारी मिलने के बाद एटीएस छांगुर बाबा से जुड़े नेपाल नेटवर्क के लोगों की कुंडली तैयार करनी शुरू कर दी है।
एटीएस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, छांगुर बाबा की चौकाने वाली सच्चाई सामने आ रही है। धर्मांतरण के गिरोह से शुरू हुआ मामला अब आईएसआई कनेक्शन, राष्ट्र विरोधी साजिश तक पहुंच गया है। छांगुर बाबा सिर्फ धर्म बदलवाने का खेल नहीं खेल रहा था, बल्कि हिंदुस्तान में सांप्रदायिकता का जहर खोलकर तोड़ने की साजिश भी रच रहा था। छांगुर बाबा ने धर्मांतरण के नाम पर जो नेटवर्क खड़ा किया उसी का प्रयोग कर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से सीधा संपर्क साध चुका था। नेपाल की राजधानी काठमांडू में पाकिस्तानी दूतावास में आईएसआई एजेंटों की एक गोपनीय बैठक भी हुई थी। इस बारे में एटीएस पूरी डिटेल खंगाल रही है। छांगुर बाबा की रिमांड 16 जुलाई तक है। एटीएस पाकिस्तानी कनेक्शन के साक्ष्य जुटाकर पूछताछ भी करेगी। ताकि उसके देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने की पुष्टि हो सके।
Changur Baba ने साजिश रच डाली थी कि आर्थिक रूप से कमजोर हिंदू परिवारों की महिलाओं का धर्मांतरण कराया जाए। फिर इनका निकाह नेपाल में आईएसआई के एजेंटों और स्लीपर सेल से करवा दिया जाए। ताकि महिलाएं बाद में जासूसी के नेटवर्क का हिस्सा बन सकें, इसके लिए बाकायदा कोडवर्ड सिस्टम भी विकसित किया गया था। छांगुर बाबा का नेटवर्क सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं था। छांगुर बाबा का जाल महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, बिहार और पश्चिम बंगाल तक फैला हुआ था। इस पूरे नेटवर्क को वो विदेशी फंडिंग के जरिए मजबूत करता रहा। एटीएस की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि उसने लव जिहाद के लिए मुस्लिम युवकों की फौज तैयार की थी। बीते तीन वर्षों में एक हजार से ज्यादा मुस्लिमों को इस काम के लिए नकद भुगतान दिया गया। नेपाल सीमा से सटे सात जिलों को टारगेट किया गया।