UP News: तेंदुए के हमले में मारा गया 10 साल का पोता, सदमा बर्दाश्त नहीं कर सका बाबा, हृदयगति रुकने से मौत

बलरामपुर के हरैया थाना क्षेत्र अंतर्गत धर्मपुर गांव में सोमवार को तेंदुए के हमले में 10 वर्षीय समीर अंसारी की दर्दनाक मौत हो गई थी। अपने पोते समीर अंसारी की मौत से आहत बाबा मोहर्रम अली की भी मंगलवार को सदमे में मौत हो गई।

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न्यूज़लिंक हिंदी। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में इन दिनों तेंदुए का आतंक देखने को मिल रहा है। बलरामपुर में तेंदुए के हमले से सोमवार को 10 साल के समीर अंसारी की मौत हो गई थी। पोते की मौत का सदमा उसके दादा बर्दाश्त नहीं कर पाए, जिसके कारण मंगलवार को उनकी भी मौत हो गई। बता दें कि अब तक तेंदुए ने 6 बच्चों को अपना निवाला बनाया है।

बलरामपुर के हरैया थाना क्षेत्र अंतर्गत धर्मपुर गांव में सोमवार को तेंदुए के हमले में 10 वर्षीय समीर अंसारी की दर्दनाक मौत हो गई थी। अपने पोते समीर अंसारी की मौत से आहत बाबा मोहर्रम अली की भी मंगलवार को सदमे में मौत हो गई। तेंदुए के आतंक से पूरे इलाके में दहशत है। ऐसे में सदमे में बाबा की मौत से पूरा तराई का इलाका गमगीन है। तेंदुए के हमले में अब तक छह बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि सात बच्चे घायल हो चुके हैं।

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सोमवार की शाम हरैया थाना क्षेत्र के धर्मपुर गांव में बकरी चराने गए 10 वर्षीय बालक समीर अंसारी पर तेंदुए ने हमला किया और उसे झाड़ियां की तरफ खींच ले गया। ग्रामीणों ने तेंदुए का पीछा किया तो झाड़ियों के बीच मासूम बच्चे का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। अपने पोते समीर अंसारी की मौत की खबर सुनकर उसके बाबा मोहर्रम अली को गहरा सदमा लगा। मोहर्रम अली इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर सका और मंगलवार को उसकी भी मौत हो गई।

तेंदुए का शिकार हुए समीर अंसारी की मां रुखसाना ने बताया कि उसका पति शफीक अंसारी काम के सिलसिले में मुंबई में रहता है। सोमवार को तेंदुए के हमले में पोते की मौत की सूचना मिलने के बाद उसके बाबा मोहर्रम अली की तबीयत बिगड़ गई और आज मंगलवार को मोहर्रम अली ने भी दम तोड़ दिया। इस हृदय विधायक घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत है। तेंदुए के आतंक से निपटने के लिए वन विभाग के सारे प्रयास फेल हो रहे हैं।

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प्रभावित इलाकों में एक दर्जन से ज्यादा पिंजरे लगाए गए हैं, लेकिन अभी तक तेंदुआ पकड़ में नहीं आ सका है। इसके अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरा से भी तेंदुए की ट्रैपिंग का प्रयास किया जा रहा है। तेंदुए को ट्रेंकुलाइज करने के लिए शिकारियों की टीम भी लगाई गई है, लेकिन अभी तक वन विभाग को कोई सफलता नहीं मिली है और तेंदुआ लगातार बच्चों पर हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार रहा है। तेंदुए के आतंक से पूरा तराई का इलाका दहशतजदा है और अब धीरे-धीरे ग्रामीणों में आक्रोश भी पढ़ रहा है।

मौके पर पहुंचे सोहेलवा वन्य जीव प्रभाव के डीएफओ डॉ एम सेम्मारन ने बताया कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। तेंदुए को पकड़ने के लिए टीमें लगाई गई है। तेंदुए को ट्रेंकुलाइज करने का भी प्रयास किया जा रहा है, जगह-जगह पिंजरे भी लगाए गए हैं। डीएफओ ने कहा कि हम शीघ्र ही तेंदुए को पकड़ लेंगे। तेंदुए के लगातार हमले से ग्रामीणों में दहशत ही नहीं है, बल्कि धीरे-धीरे आक्रोश भी फैलने लगा है।

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