न्यूज़लिंक हिंदी। खाकी वर्दी को फिर किया शर्मशार,अफसरों के कड़ी कार्रवाई न करने से कमिश्नरेट पुलिस की खाकी के दाग दिन पर दिन गहरे होते जा रहे हैं। जबरन वसूली के कई मामलों की गूंज अभी थमी नहीं थी कि चकेरी थाने के लालबंगला चौकी प्रभारी ने छोड़ने के नाम पर एक फेरी वाले से पांच हजार रुपए वसूल लिए।
फेरी वाले को मारपीट के एक सामान्य मुकदमे की जांच बताकर चौकी लाया गया और रिहाई के नाम पर 20 हजार रुपए की मांग की गई। पांच हजार रुपए लाने पर उसे छोड़ा गया। पीड़ित की मां ने इस संबंध में पुलिस आयुक्त से जांच की मुख्य रूप से गुहार लगाई है।
लालबंगला के कालीबाड़ी निवासी राधा सोनकर के मुताबिक उनकी बड़ी बेटी को क्षेत्र का दबंग अपराधी संजू वाल्मीकि वर्ष 2020 में बहला फुसलाकर भगा ले गया था और विवाह कर लिया था। उन लोगों ने शादी का विरोध किया था, जिससे संजू के परिवार वाले उनसे रंजिश मानते हैं।आरोप है कि क्षेत्रीय पुलिस से साठगांठ करके संजू ने उनके बेटे शिवम व परिवार के अन्य सदस्यों को सामान्य मारपीट के मुकदमों में मुख्य रूप से आरोपित बना दिया।
पीड़िता के मुताबिक, रविवार को लालबंगला चौकी प्रभारी आदेश कुमार ने मारपीट के इन मामलों के आधार पर उनके बेटे शिवम को दुकान से उठाकर चौकी में लेकर जाकर बंद कर दिया। उसके साथ मारपीट की और छोड़ने की एवज में 20 हजार रुपए मांगे।
उसने किसी तरह रिश्तेदारी से पांच हजार रुपए जमा करके चौकी इंचार्ज को लाकर दिए। 15 हजार रुपए बाद में देने का वादा करने के बाद उसके बेटे को छोड़ा गया। पीड़िता के मुताबिक संजू व उसका गिरोह क्षेत्र में मादक पदार्थों की सप्लाई करता है और चौकी पुलिस को उसका संरक्षण प्राप्त है। इसी साठगांठ के बल पर लालबंगला चौकी इंचार्ज उसके परिवार को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं।

