न्यूज़लिंक हिंदी। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का चार दिवसीय सत्र आज से शुरू हो रहा है। विधानसभा का संचालन नई नियमावली से होगा। इसे लेकर सत्ता पक्ष ने विपक्ष को हर मुद्दे पर जवाब देने की रणनीति बनाई है तो विपक्ष ने भी सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। सत्र प्रारंभ होने से पहले लोकभवन में भाजपा विधानमंडल दल की बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विधायकों को सदन में उपस्थित रहने और सकारात्मक चर्चा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष के आरोपों का तथ्यात्मक जवाब दें।

बैठक में भाजपा के सहयोगी दलों के विधायक भी मौजूद रहे। निर्देश दिया गया है कि विधानसभा सत्र में मोबाइल बाहर रख दिया गया है अतः टीवी से ही अपडेट लेने का कष्ट करें। विधानसभा में पहले दिन लखनऊ पूर्वी सीट से भाजपा के विधायक रहे आशुतोष टंडन के निधन पर शोक व्यक्त करके कार्यवाही स्थगित कर दी जाएगी। 29 नवंबर को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना अनुपूरक बजट पेश करेंगे। योगी सरकार करीब 6 अध्यादेश विधयक के रूप में भी पेश करेगी।
काले कपड़े पहनकर विधानसभा पहुंचे सपा विधायक
विधानसभा का शीतकालीन सत्र नई नियमावली के साथ शुरू हो रहा है। यूपी विधानसभा में विधायकों के लिए नई बंदिशों के बीच खबर है कि समाजवादी पार्टी के विधायकों ने इसका विरोध किया है और विधान सभा मे काले कपड़े पहन कर पहुंचे। इसके साथ ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर सरकार की नाकामियां गिनाते हुए कहा कि यूपी सरकार बिजली, पानी और सड़क के मोर्चे पर पूरी तरह असफल साबित हुई है। सरकार खेती, किसानी और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर भी नाकाम हुई है। सरकार सदन चलाने से भागती है और संवाद नहीं करना चाहती है। आपको बता दें कि नए नियमों के तहत विधानसभा के भीतर विधायकों के मोबाइल फोन ले जाने पर पाबंदी लगा दी गई है। साथ ही बैनर और पोस्टर भी नहीं ले जा पाएंगे।
बिजली, पानी, सड़क, खेती -किसानी और कानून व्यवस्था के मोर्चे पर असफल हुई सरकार, अब इतनी निःशब्द है कि सदन में भी संवाद नहीं करना चाहती।
सदन चलाने से भागती यह भाजपा सरकार!
— Shivpal Singh Yadav (@shivpalsinghyad) November 28, 2023
नई नियमावली से संचालित होगी सदन की कार्रवाई
शीतकालीन सत्र की कार्यवाही विधानसभा की कार्य संचालन नियमावली 2023 के अनुसार संचालित होगी। नई नियमावली के तहत विधायक सदन में मोबाइल, बैनर, झंडा और शस्त्र लेकर प्रवेश नहीं कर सकेंगे। सपा ने इस नियमावली का विरोध किया है। विधानसभा सदस्य सदन में प्रदेश में किसी भी जगह से वर्चुअली भी शामिल हो सकेंगे। सदस्य सदन में विधानसभा अध्यक्ष के आसन के पास भी नहीं जा सकेंगे। इतना ही नहीं उच्चाधिकार प्राप्त आचरण पर तब तक आरोप नहीं लगा सकेंगे जब तक की उचित रूप से रखे गए मूल प्रस्ताव पर आधारित न हो। सदन में बोलते समय दर्शक दीर्घा में किसी अजनबी की ओर संकेत नहीं कर सकेंगे, न ही उसकी प्रशंसा कर सकेंगे। लॉबी में भी तेज आवाज में न तो बात कर सकेंगे न ही हंस सकेंगे।
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