न्यूज़लिंक हिंदी। यूपी में बेसिक शिक्षा परिषद की सातवीं कक्षा की अंग्रेजी की किताब में द होली गंगा अध्याय में गंगा नदी के बारे में अधूरी और गलत जानकारी ही दी गई है।
किताब में ये लिखा है कि गंगा गोमुख से निकलती है जबकि यह अर्धसत्य है। गोमुख से भागीरथी निकलती है और देवप्रयाग में भागीरथी-अलकनंदा के संगम के बाद गंगा नामकरण भी होता है।
गंगा आपके दर्शन मात्र से ही मुक्ति भी मिल जाती है। जो जीवनदायिनी हैं। पापनाशिनी हैं। मोक्षदायिनी हैं। जिनकी महिमा अवर्णनीय है, अनंत है, उनके बारे में नई पीढ़ी को सतही और अपूर्ण जानकारी भी दी जा रही। उप्र बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में सातवीं कक्षा के अंग्रेजी विषय की पुस्तक में कुछ ऐसा ही है।
पुस्तक इंग्लिश रीडर-टू के दूसरे अध्याय द होली गंगा में यह विसंगति बनी हुई है। इस पुस्तक में ये भी लिखा गया है कि गंगा गोमुख से निकलती हैं। यह अर्धसत्य है। गोमुख से भागीरथी से ही निकलती हैं। देवप्रयाग में भागीरथी-अलकनंदा के संगम के बाद गंगा नामकरण भी हुआ है। शिक्षाविदों का कहना है कि सातवीं के छात्र किशोरावस्था के होते हैं। उनको परिपक्व की पूर्ण जानकारी दी जानी चाहिए।
अगर शुरुवात के दौर में ही अगर गंगा के बारे में उनका ज्ञान समृद्ध नहीं हुआ तो यह अधकचरी समझ उनके भविष्य के लिए बहुत ही घातक हो सकती है। पाठ्यपुस्तक निर्धारण का दायित्व संभालने वाले प्रयागराज के आंग्ल भाषा शिक्षा संस्थान का ये मुख्य कहना है कि इस विसंगति का परीक्षण कराकर उसे दूर भी किया जाएगा।

