न्यूज़लिंक हिंदी। खेत पर मजदूरी करके लौट रहे गांव रफैतपुर निवासी तीन सगे भाई ओमप्रकाश सिंह , तेजपाल और जयसिंह पीली नदी में अचानक बढ़ा पानी में डूब गए। एकदूसरे को बचाने में तीनों की जान चली गई। करीब 8 घंटे बाद तीनों के शव एक साथ लिपटे हुए मिले।
गांव रफैतपुर निवासी बिरेंद्र सिंह का खेत पीली नदी के पार है। गांव के ही ओमप्रकाश सिंह, तेजपाल व जयसिंह पुत्रगण बलबीर और जयपाल सिंह पुत्र हरकेश बुधवार सुबह छह बजे बिरेंद्र सिंह के साथ उनके गन्ने के खेत में निराई करने के लिए गए थे। सुबह जाते समय नदी में पानी बिल्कुल नहीं था। मगर लौटते समय करीब 10 बजे नदी में पानी बढ़ गया।
नदी के पानी से निकलने पर जयसिंह डूबने लगा। ओमप्रकाश व तेजपाल ने उसे बचाने का जटिल प्रयास किया तो वे भी डूब गए, जबकि जयपाल व बिरेंद्र पानी से किसी तरह से बाहर आ गए। दोनों ने गांव आकर युवकों के परिजनों सहित अन्य ग्रामीणों को सूचना दी। सभी लोग एकत्र होकर नदी पर पहुंचे और युवकों की तलाश भी शुरू की।
जानकारी मिलने पर जिलेभर के अफसर मौके पर पहुंच गए। स्थानीय और गांव मनोहरवाली के गोताखोर सलमान, दानिश, सद्दाम, काजिम, फैजान व इमरान तीनों की तलाश में मुख्य रूप से जुटे। अग्निशमन व फ्लड यूनिट के गोताखोरों की टीम को बुलाया गया। फ्लड यूनिट भी मोटरबोट के जरिए नदी में तीनों की तलाश में जुटी। आठ घंटे बाद तीनों के शवों को 150 मीटर आगे नदी से निकाला गया।
पीली नदी में डूबे मृतक ओमप्रकाश अपने पांचों भाई में सबसे बड़ा था। दूसरे नंबर का भाई मलखान है। तेजपाल तीसरा, जय सिंह चौथे और दुष्यंत पांचवें नंबर का भाई था। ओमप्रकाश तैरना जानता था, बाकी दोनों भाई बिल्कुल भी नहीं जानते । जब जयसिंह डूबने लगा तो ओमप्रकाश ने उसे बचाने का प्रयास किया। बचाने के प्रयास के चलते दोनों भाई ओमप्रकाश से लिपट गए और बह गए। जब शव मिले तो तीनों लिपटे हुए थे। इसी स्थिति में तीनों की मौत हो गई।
जब जयसिंह डूबने लगा तो ओमप्रकाश ने उसे बचाने का प्रयास किया। बचाने के प्रयास के चलते दोनों भाई ओमप्रकाश से लिपट गए और बह गए। जब शव मिले तो तीनों लिपटे हुए थे। इसी स्थिति में तीनों की मृत्यु हो गई।तीन मौत के बाद पीड़ित परिवार के सामने आर्थिक संकट के साथ खाने पीने में भी जटिल परेशानी झेलनी होगी। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से आर्थिक मदद दिलाने की पूर्ण मांग की है।

