न्यूज़लिंक हिंदी। अब स्वयं सहायता समूहों की दीदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगभग 747 करोड़ रुपये की धनराशि को मुख्य रूप से स्वीकृत की गई है। ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत यह धनराशि जल्द इन लखपति दीदियों तक पहुंचेगी।
उप मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत चलाए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों में गुणवत्तापरक प्रशिक्षण पर पूरा जोर भी दिया जाए। स्वयं सहायता समूहों की दीदियों को आत्मनिर्भर, स्वावलंबी व समृद्ध बनाने के लिए 747 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत यह धनराशि जल्द इन लखपति दीदियों तक मुख्य रूप से पहुंचेगी। मंगलवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में हुई ग्राम्य विकास विभाग की बैठक में ग्राम चौपाल व अमृत सरोवरों सहित विभिन्न कार्यों की समीक्षा भी की गई।
बैठक में उप मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत चलाए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों में गुणवत्तापरक प्रशिक्षण पर पूरा जोर दिया जाए। गरीबों को स्थायी रूप से आजीविका उपलब्ध कराने के लिए उनके क्षमता संवर्धन पर विशेष ध्यान भी दिया जाए।
खासकर महिलाओं की आजीविका संवर्धन के लिए जो योजनाएं संयुक्त रूप से चलाई जा रही हैं, उनकी समय-समय पर समीक्षा भी की जाए। उप मुख्यमंत्री ने अमृत सरोवरों की देखरेख व सुंदरीकरण पर विशेष जोर दिए जाने का भी निर्देश भी दिया।
और ये भी कहा, ग्राम चौपालों को और अधिक प्रबल व प्रभावी भी बनाया जाए। इंटरनेट मीडिया पर ग्राम्य विकास विभाग की उपलब्धियों को निरंतर प्रयास के रूप में अपलोड भी किया जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव, ग्राम्य विकास हिमांशु कुमार व ग्राम्य विकास आयुक्त जीएस प्रियदर्शी भी आदि लोग भी मौजूद रहे।

