न्यूज़लिंक हिंदी। उत्तर प्रदेश सरकार ने संभल के बवाल पर उठाया सख्त कदम, 24 नवंबर को संभल में जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग के गठन की घोषणा की है।
एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह पूर्ण जानकारी दी। अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार की ओर से बृहस्पतिवार को जारी अधिसूचना में ये भी कहा गया कि उत्तर प्रदेश की राज्यपाल ने जनहित में और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए गहन जांच करने की आवश्यकता पर पूर्ण जोर दिया।
आयोग चार प्रमुख पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिसमें यह निर्धारित करना भी शामिल है कि क्या यह घटना किसी सुनियोजित आपराधिक साजिश का परिणाम ही थी। आयोग जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा की गई कानून-व्यवस्था की तैयारियों की जांच करेगा।
घटना की परिस्थितियों और कारणों का विश्लेषण करेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों की सिफारिशें भी करेगा। संभल की एक अदालत के आदेश पर 19 नवंबर को जामा मस्जिद के पहली बार सर्वेक्षण किए जाने के बाद से ही तनाव की स्थिति लगातार बनी हुई है। अदालत ने यह आदेश उस याचिका पर दिया जिसमें दावा किया गया है कि जिस जगह पर जामा मस्जिद है।
सूत्रों के मुताबिक, वहां पहले कभी हरिहर मंदिर था। मस्जिद का 24 नवंबर को दोबारा सर्वेक्षण किये जाने के दौरान हिंसा भड़क उठी थी और इस दौरान प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच झड़प में चार लोगों की मौत हो गयी तथा 25 अन्य जख्मी भी हो गये थे।
आयोग को अधिसूचना जारी होने के दो माह के भीतर अपनी जांच पूरी करने का मुख्य निर्देश दिया गया है और समयसीमा को बढ़ाने के लिए सरकार से मंजूरी भी लेनी होगी। अधिसूचना में ये भी कहा गया कि आयोग के निष्कर्ष सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण कारगर साबित होंगे।

