अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट राष्ट्रपति ट्रंप के जन्मजात नागरिकता के अधिकार पर रोक के फैसले को पलट भी सकता है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर सुनवाई कर रहा है।
और फिर इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सभी की नजरें हैं, क्योंकि इसमें राष्ट्रपति की शक्तियों, न्यायिक क्षेत्राधिकार और 14वें संविधान संशोधन से संबंधित अहम सवालों के जवाब भी मिल सकते हैं।
और फिर जनवरी में राष्ट्रपति पद संभालते ही ट्रंप ने जन्मजात नागरिकता के अधिकार पर रोक लगा दी थी। और फिर इसके तहत अमेरिका में पैदा होने वाला हर बच्चा अमेरिकी नागरिक होता है, फिर चाहे उसके माता-पिता अमेरिका में अस्थायी तौर पर रह रहे हों या अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे हों।
ट्रंप ने इस पर पूर्ण रोक लगा दी थी। साथ ही ट्रंप के इस फैसले को डेमोक्रेट सरकार वाले 20 के करीब राज्यों, अप्रवासियों और नागरिक अधिकार संगठनों ने अदालत में चुनौती भी दी।
और उनका कहना है कि यह आदेश संविधान के 14वें संशोधन का उल्लंघन करता है, जो अमेरिका में जन्मे लगभग सभी लोगों को नागरिकता प्रदान करता है।
इस पर मैरीलैंड, वॉशिंगटन और मेसाच्युसेट्स के संघीय जजों ने ट्रंप प्रशासन के आदेश को लागू करने पर पूरे देश में रोक भी लगा दी थी।
और फिर इस पर ट्रंप सरकार ने अदालतों के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। और जिस पर सुप्रीम कोर्ट अब सुनवाई कर रहा है।
सुप्रीम कोर्ट इस बात पर विचार करेगा कि क्या निचली अदालत पूरे देश में सरकार के फैसले को लागू होने पर रोक लगा सकती है या नहीं। साथ ही प्रशासन का कहना है कि न्यायाधीशों को केवल कुछ मुकदमों के आधार पर पूरे देश के लिए संघीय नीतियों को रोकने का अधिकार नहीं होना चाहिए।
और अगर सुप्रीम कोर्ट इस पर सहमत हो जाता है, तो ट्रम्प का आदेश उन 28 राज्यों में लागू हो सकता है, जिन्होंने मुकदमा भी नहीं किया है।
जिससे एक विभाजित प्रणाली निर्मित होने की आशंका है, और जहां कुछ राज्यों में जन्मे कुछ बच्चों को स्वतः नागरिकता मिल जाएगी और अन्य को नहीं। साथ ही जून में इस मामले पर फैसला आ सकता है।