न्यूज़लिंक हिंदी, वाराणसी। पीएम मोदी दो दिवसीय दौरे के लिए अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी आए हुए है। प्रधानमंत्री वाराणसी बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में शिरकत की है। यहां पीएम ने प्रतियोगिता के विजेताओं के साथ ही संस्कृत विद्यालय के छात्रों को पुरस्कृत किया। इसके बाद संत रविदास मंदिर पहुंचे। बता दे कि पीएम नरेंद्र मोदी बीएचयू स्वतंत्रता भवन पहुचें तो यहां शंखध्वनि से पीएम नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “यहां का सांसद होने के नाते, काशी का जनप्रतिनिधि होने के नाते मेरी विशेष जिम्मेदारी भी बनती है कि मैं बनारस में आप सबका स्वागत भी करूं और आप सबकी सुविधाओं का खास खयाल भी रखूं। मुझे खुशी है कि संत रविदास जी की जयंती पर मुझे इन दायित्वों को पूरा करने का अवसर मिला है।”
युवा देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे
बीएचयू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, जिस काशी को समय से भी प्राचीन कहा जाता है, जिसकी पहचान को युवा पीढ़ी जिम्मेदारी से सशक्त कर रही है। ये दृश्य हृदय में संतोष भी देता है, गौरव की अनुभूति भी कराता है और यह विश्वास भी दिलाता है कि अमृत काल में सभी युवा देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
वंचित के हित की योजनाओं का विरोध करते हैं
गुरु संत रविदास जयंती पर प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में आए सभी लोगों का अभिवादन किया और कहा कि संत रविदास की कृपा से ही यह सम्भव है। मैं रविदास की संकल्पों को आगे बढ़ा रहा हूं। मुझे उन्होंने ही सेवा का अवसर दिया है। यह मैं अपना सौभाग्य समझता हूं। पीएम मोदी ने गठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि हमारे देश में जाति के नाम पर उकसाने और उन्हें लड़ाने में भरोसा रखने वाले इंडी गठबंधन के लोग दलित, वंचित के हित की योजनाओं का विरोध करते हैं।
इन विकास कार्यों की बहुत-बहुत बधाई देता हूं
पीएम मोदी ने संत रविदास की प्रतिमा का लोकार्पण करने के बाद कहा- आज मुझे संत रविदास जी की नई प्रतिमा के लोकार्पण का भी सौभाग्य मिला है। संत रविदास म्यूजियम की आधारशिला भी आज रखी है। मैं आप सभी को इन विकास कार्यों की बहुत-बहुत बधाई देता हूं।
रविदास जी ने समाज को आजादी का महत्व भी बताया
पीएम मोदी ने कहा- “भारत का इतिहास रहा है, जब भी देश को जरूरत हुई है, कोई न कोई संत, ऋषि, महान विभूति भारत में जन्म लेते हैं। संत रविदास जी तो उस भक्ति आंदोलन के महान संत थे, जिन्होंने कमजोर और विभाजित हो चुके भारत को नई ऊर्जा दी थी।
#WATCH प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "भारत का इतिहास रहा है, जब भी देश को जरूरत हुई है, कोई न कोई संत, ऋषि, महान विभूति भारत में जन्म लेते हैं। संत रविदास जी तो उस भक्ति आंदोलन के महान संत थे, जिन्होंने कमजोर और विभाजित हो चुके भारत को नई ऊर्जा दी थी। रविदास जी ने समाज को… pic.twitter.com/y0u7z78flJ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 23, 2024
रविदास जी ने समाज को आजादी का महत्व भी बताया था और सामाजिक विभाजन को भी पाटने का काम किया। ऊंच नीच, छुआछूत, भेदभाव… इस सबके खिलाफ उन्होंने आवाज उठाई। ”
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