न्यूज़लिंक हिंदी। चाय पर चर्चा के दौरान चाय की चुस्की लेते हुए अभिनव कहते हैं कि 2019 से अभी तक जिले में कहीं भी कोई भी काम नहीं हुआ और न ही सांसद कभी किसी के यहां आते-जाते हैं। लापता सांसद जनता ने नाम ही रख दिया है। कहा कि 2014 से 2019 तक मनोज सिन्हा के कार्यकाल में तमाम काम हुए।
23 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं उन्होंने अपने कार्यकाल में ही केवल कराईं। ओम प्रकाश तिवारी ने कहा कि भारतीय जनता बहुत मजबूती से खड़ी है। कल्याण सिंह के बाद बीच में गैप हो गया था। अब उसके बाद भाजपा के कार्यकाल में ग्रामीण क्षेत्रों में भी विकास की गंगा बही है। भाजपा सरकार ने आधी आबादी को सड़क पर उतार दिया है।
अब महिलाएं अपने अधिकार को मुख्य रूप से समझने लगी हैं। वे अपने अधिकार के लिए लड़ने लगी हैं। यह भारतीय जनता पार्टी के लिए संजीवनी का काम करेगा। महिलाओं को भाजपा ने बोलना भी सीखा दिया। लोकतंत्र के मायने भी जानने लगी हैं। वे अपने हिसाब से वोट डालने लगी हैं। उनको पता है कि कहां वोट देंगी तो उन्हें फायदा मिलेगा।
यहां मौजूद लोगों ने कहा कि विकास ही सबसे बड़ा मुद्दा है। सभी ने एक ही सुर में कहा कि यहां का मुद्दा विकास है, जो काम करेगा वही सत्ता में आएगा। पहले गाजीपुर में सड़क नहीं दिखती थी। 2014 से 2019 में मनोज सिन्हा के कार्यकाल में यहां सड़कों का विकास हुआ। इसके अलावा भी जिले में तमाम परियोजनाओं के तहत विकास हुआ।
विकास का पंख गाजीपुर में मनोज सिन्हा के कार्यकाल में लगा। गाजीपुर में विकास की मुख्य वजह थी कि मनोज सिन्हा आपराधिक प्रवृति के नेता नहीं हैं।
शशिकांत ने कहा कि मनोज सिन्हा ने गाजीपुर को विकास की दिशा दिखाई। उन्होंने जाहिर किया गाजीपुर के विकास की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन मनोज सिन्हा के चुनाव हारने से वह विकास मुख्य रूप से रुक गया है।

