न्यूज़लिंक हिंदी। साल 2008 में सौम्या की हत्या कर दी गई थी. टीवी जर्नलिस्ट सौम्या विश्वनाथन की हत्या के मामले में साकेत कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी ठहराया है। इससे पहले अदालत ने मामले में दलीलें पूरी करते हुए 13 अक्टूबर को जजमेंट सुरक्षित रख लिया था। एडिशनल सेशन जज रवीन्द्र कुमार पांडे ने निर्देश दिया था कि 18 अक्टूबर को फैसला सुनाए जाते वक्त सभी आरोपी अदालत में मौजूद रहें। 6 अक्टूबर को अदालत ने बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें पूरी सुन ली थीं।
ऑफिस से लौटते वक्त हुई थी हत्या
सौम्या विश्वनाथन की 30 सितंबर, 2008 की सुबह लगभग 3:30 बजे उस वक़्त गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जब वो अपनी गाड़ी से वापस घर की तरफ लौट रही थी। सौम्या की चलती गाड़ी में गोली मारकर हत्या की गई थी। पुलिस के मुताबिक हत्या के पीछे मकसद डकैती था। दिल्ली पुलिस ने पांच आरोपियों रवि कपूर, अमित शुक्ला, बलजीत मलिक, अजय कुमार और अजय सेठी को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
पांच लोगों को बनाया गया था आरोपी
सौम्या विश्वनाथन की हत्या 30 सितंबर, 2008 में उस वक्त हुई थी, जब वह देर रात अपनी कार से घर लौट रही थीं। उसी दौरान उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने दावा किया था कि उनकी हत्या का मकसद लूटपाट था। हत्या के सिलसिले में पांच लोगों- रवि कपूर, अमित शुक्ला, बलजीत मलिक, अजय कुमार और अजय सेठी को गिरफ्तार किया गया, जो मार्च 2009 से हिरासत में हैं। पुलिस ने आरोपियों पर मकोका लगाया था। मलिक और दो अन्य आरोपी रवि कपूर और अमित शुक्ला को 2009 में आईटी प्रोफेशनल जिगिशा घोष की हत्या मामले में दोषी करार दिया जा चुका है।

